फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मरीजों ने गेट पर घंटों तक काटा बवाल

विज्ञापन
हंगामा कर रहे मरीजों को समझाते चिकित्सक। - फोटो : bureau
विज्ञापन
एक ओर प्रदेश सरकार बेहतर चिकित्सा सुविधा देने का दम भर रही है, वहीं चिकित्सकों की कमी के चलते मरीज बेहाल हैं। इसका नजारा शुक्रवार को जींद के नागरिक अस्पताल में देखने को मिला, जब हड्डी रोग विशेषज्ञ व महिला चिकित्सक नहीं मिलने से मरीजों ने हंगामा किया। हंगामा सबसे पहले सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ। दर्जन भर लोग हड्डियों का इलाज करवाने के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचे। पंजीकरण काउंटर से इन लोगों को कार्ड तो जारी कर दिए गए, लेकिन डॉक्टर नहीं मिला। मरीजों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से इसके लिए कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं मिला। ऐसे में इन लोगों ने अस्पताल के मेन गेट पर ही हंगामा शुरू कर दिया। यहां सरकार और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। हंगामा बढ़ता देख अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक यहां पहुंचे और मरीजों को शांत किया।
विज्ञापन


महिला वार्ड में भी हंगामा
यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि महिला वार्ड में तीन घंटे से चिकित्सकों का इंतजार कर रही गर्भवती महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। महिलाओं का कहना है कि वे सुबह सात बजे जल्द इलाज के चक्कर में अस्पताल पहुंची, लेकिन 11 बजे तक भी यहां महिला चिकित्सक नहीं पहुंचे। महिलाओं ने कहा कि ऐसी हालत में वे न तो अधिक देर खड़ी रह सकती हैं और न ही यहां बैठने की कोई व्यवस्था है।

घर का काम छोड़कर लगे हैं लाइन में
मैं जल्दी इलाज करवाने के लिए घर का सारा काम छोड़कर सुबह सात बजे अस्पताल पहुंची थी, लेकिन यहां चिकित्सक नहीं होने के कारण लंबा इंतजार करना पड़ा। चिकित्सक आएगी भी या नहीं, इस पर भी असमंजस बना हुआ है। जैसे ही चिकित्सक आई, धक्कापेल में नंबर भी पीछे चला गया।
विज्ञापन

- पूजा, बिरोली निवासी


नहीं मिला रहा इलाज
गर्भ अवस्था के दौरान मेरे पैरों में सूजन है। इसका इलाज करवाने के लिए मैं सुबह आठ बजे अस्पताल पहुंची थी, लेकिन चिकित्सक नहीं मिलने के कारण काफी परेशानी हुई। चिकित्सक के इंतजार में खड़े-खड़े तबीयत बिगड़ गई है।
- रीना, मरीज।

अस्पताल में हड्डियों के दो चिकित्सक थे, इनमें से एक का तबादला हो गया है, दूसरे डेपूटेशन पर चले गए हैं। फिलहाल दूसरे चिकित्सकों की ड्यूटी हड्डियों के मरीजों की जांच के लिए लगाई गई है। दो महिला चिकित्सक हैं, एक छुट्टी पर हैं और दूसरी के पास डिलीवरी के तीन केस आए हुए थे। डिलीवरी करवाने के कारण ही महिला चिकित्सक ओपीडी में देर से पहुंची। चिकित्सकों की मांग के लिए मुख्यालय को लिखा गया है। जल्द ही यहां चिकित्सकों की संख्या पूरी हो जाएगी।
विज्ञापन

- डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें