आज से नोटबंदी का एक माह पूरा हो गया है। कैश को लेकर जहां हालात सामान्य होने की बजाय और भी बिगड़ने लगे हैं। वहीं वीरवार को कैश ना मिलने पर उचाना और कंडेला में लोगों ने रास्ता रोकर विरोध जताया। लोगों का आरोप है कि बैंक अधिकारी अपने चहेतों को कैश दे रहे हैं और आम जनता को बैरंग लौटाया जा रहा है। कंडेला गांव स्थित पीएनबी के अधिकारियों की कार्यप्रणाली और नोटबंदी से परेशान होकर कई गांवों के लोगों ने वीरवार को जींद-चंडीगढ़ मार्ग जाम कर दिया। इससे जींद-चंडीगढ़ मार्ग करीब एक घंटे बाधित रहा। इसकी सूचना पाकर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर और लोगों को समझाया और जाम खुलवाया। वहीं लोगों के हंगामे के बाद कंडेला गांव के पीएनबी में कैश पहुंचा और वितरण शुरू किया गया है। नोटबंदी से परेशान जाम लगा रहे लोगों ने बताया कि बैंक अधिकारियों द्वारा पैसों का बंटवारा सही तरीके से नहीं करने और बार-बार कैश खत्म होने की बात कहकर लोगों को परेशान कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बैंक अधिकारी कोई संतोष जनक जवाब नहीं देते हैं। जाम लगा रहे लोगों का कहना है कि बैंक अधिकारी अपने चहेतों को पैसे दे रहे हैं, जबकि लोग पूछते हैं तो कैश नहीं आने की बात कह दी जाती है। रोड जाम करने का यह कोई पहला वाक्या नहीं है इससे पहले भी धनौरी गांव के लोग अपने चहेतों को कैश देने का आरोप लगाकर रोड जाम कर चुके हैं।
अब तीन लाइनों में बंटेगा कैश
जाम लगा रहे लोगों की मांग के अनुसार पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एक युवा व बुजुर्गों के साथ-साथ महिलाओं की अलग से तीन लाइन लगवाई गई। ताकि अलग -अलग से लगी लाइनों से पैसे दिए जा सकें।
सभी आरोप बेबुनियाद हैं बैंक में आऐ सभी खाता धारकों को एक समान रुपये का भुगतान किया जाता है। जो कैश मिलता है, उसको लोगों में बांट दिया जाता है। किसी को अधिक कैश नहीं दिया जा रहा है।
- आरएस चौधरी, प्रबंधक पीएनबी कंडेला।
बैंक में नहीं मिला कैश तो रोका रास्ता, बैंक के बाहर किया प्रदर्शन
उचाना रेलवे रोड स्थित पीएनबी के मैनेजर पर अपने चहेतों को पैसे देने के आरोप लगाते हुए उपभोक्ताओं ने बैंक के सामने सड़क पर पहुंच कर रोड को जाम कर दिया। जाम की सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी राजकुमार मौके पर पहुंचे। लोगों को समझाकर जाम खुलवाया गया। लोगों ने बैंक के बाहर खड़ा होकर रोष प्रदर्शन किया। उपभोक्ताओं ने बैंक में आने वाली आठ नवंबर से अब तक की राशि की जांच की मांग की ताकि सच्चाई सामने आ सके। खरकभूरा निवासी राजकुमार, अलीपुरा निवासी निरंजन, सुभाष चंद्र, पालवां निवासी दयानंद ने कहा कि वे बैंक से अपने खाते में पैसे लेने के लिए गए। बैंक में कैश नहीं था जब बैंक मैनेजर से कितनी राशि आई को लेकर जानकारी लेनी चाहती तो पहले बैंक के अंदर बुला लिया। यहां जाने पर उनके खिलाफ मामले पुलिस में दर्ज करवाने की धमकी देने लगे। उन्होंने कहा कि जितनी राशि बैंक में आती है कुछ राशि लोगों को बांटते हैं। लोगों के जाने के बाद अपने चहेतों को बुला कर राशि बांट दी जाती है। लोगों का कहना है कि बैंक अधिकारी अपने जानकारों के माध्यम से लोगों को कैश दिलवा रहे हैं। यहां कई उपभोक्ता तो ऐसे हैं जिन्होंने खाता में राशि जमा करवाने के बाद आज तक राशि नहीं मिली है।
मैनेजर के विडियो बनाने पर भिड़े लोग
हंगामा कर रहे लोगों ने बताया कि वे सिर्फ बैंक में आने वाली राशि और बैंक द्वारा बांटी जाने वाली राशि की जानकारी मांग रहे थे। इस पर मैनेजर ने उन्हें धमकाते हुए विडियो बनानी शुरू कर दी और धमकी दी कि उनके खिलाफ केस दर्ज करवा जाएगा। इस पर लोगों ने रास्ता रोक दिया।
छह लाख रुपये की आई थी राशि
छह लाख रुपये की राशि बैंक में आई थी। बैंक में आने वाले उपभोक्ताओं को राशि दी गई है। जिनको राशि दी गई है वो उनके ना तो जानकार हैं ना ही रिश्तेदार हैं। जिनकी पेंशन बैंक में खातों में आती है वो हर रोज बैंक में राशि आने पर ले जाते हैं। एक महिला कुछ लोगों के साथ बैंक में आई थी जो झगड़ा करना चाहती थी। इनकी बैंक में तोड़फोड़ करने की मंशा थी। इसकी सूचना पुलिस को दी। थाना प्रभारी भी बैंक में पहुंचे। महिला के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को भी लिखा है। जिस विभाग में यह काम करती है उसको भी लिखा जाएगा।
- गजे सिंह सिरोहा, सीनियर बैंक मैनेजर
दो हजार के नोट बने आफत
एक माह बाद भी बैंकों में कैश की पर्याप्त उपलब्धता नहीं हो पा रही है। वीरवार को शहर के अधिकतर बैंक व एटीएम खाली रहे। ऐसे में लोगों को जिस भी एटीएम में कैश निकलने की सूचना मिली, उधर ही दौड़ पड़े। इसके चलते सफीदों गेट स्थित एसबीओपी, रोहतक रोड स्थित एसबीआई जैसी एटीएम पर भारी भीड़ रही। वीरवार को अधिकतर बैंकों में नकदी नहीं पहुंच पाई।