जींद। बसों की कमी से जूझ रहे रोडवेज डिपो की नौ बसों को फोर्स लाने के लिए पानीपत, सोनीपत और अंबाला भेज दिया गया है। यह बसें फोर्स लेकर मंगलवार तक पहुंचेंगी। इनके बाहर भेजने से डिपो में बसों की कमी हो गई है। इससे लंबे और लोकल रूट पर असर पड़ रहा है।
बाहर भेजने से घोघड़ियां, हथवाला, पिल्लूखेड़ा, पेगां, शामदो, चांदपुर, नगूरां, शाहपुर जाने वाली बसें बंद हो गई हैं। इसके कारण गांव से शहर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बस स्टैंड पर भी यात्री बसों का इंतजार करते रहते हैं। फिलहाल जींद डिपो में रोडवेज की 70 बसें हैं। इन बसों में कुछ को लंबे रूट पर भी भेजा जा रहा है। वहीं लोकल रूट पर भी बसों को भेजा रहा था। डिपो में फिलहाल 90 चालक और 135 परिचालक हैं। फोर्स लेने के लिए भेजी गई बसों के कारण डिपो में चालकों की संख्या भी कम हो गई है। अब ये बसें कब डिपो में आएंगी, इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं है। शायद जिला प्रशासन विधानसभा चुनाव के बाद इन बसों को डिपो को सौंपेंगा।
अगस्त में भेजी थीं 30 बसें
पिछले माह जींद डिपो के टाटा से अनुबंध होने के कारण राज्य परिवहन ने डिपो की अशोक लीलैंड बीएस 4 की 15 बसों को पलवल और 15 को नूंह भेजा था। वहीं सोनीपत से टाटा की बीएस-3 मॉडल की 12 बसों को जींद डिपो में शामिल किया गया था, लेकिन उनकी लाइफ दो से चार महीने बचने के कारण जींद डिपो ने उन्हें लेने से मना कर दिया था। ऐसे में डिपो में 30 बसों की कमी हो गई थी। पिछले एक साल में डिपो में 100 से ज्यादा नई बसें शामिल हुई थीं। पिछले एक साल में डिपो में नई बस आने पर यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन 30 बसों को दूसरे डिपो में भेजने से परेशानी फिर से बढ़ गई है।
अगस्त में कई गांव को मिला था बसों का फायदा
रोडवेज डिपो ने पिछले माह छात्राओं के लिए स्पेशल रोडवेज बस का संचालन शुरू किया था। इसमें पेगां, शामदो, चांदपुर, नगूरां, शाहपुर व कंडेला रूट की छात्राओं को काफी राहत मिली थी। इस रूटों पर बस की कमी के चलते छात्राएं बस के दरवाजे पर लटककर सफर कर रही थीं। इसकी शिकायत किसी यात्री ने सीएम विंडो पर की थी। इसके बाद डिपो प्रबंधन ने इन रूटों पर बस चलाने का निर्णय लिया था। गांव से शहर में लगभग चार हजार विद्यार्थी पढ़ने के लिए आते हैं। जींद से कैथल रूट पर 12 से अधिक बस चलती थीं, लेकिन अब दोपहर के समय बस नहीं मिलने पर छात्राओं को परेशानी होती है।
नौ बसों को फोर्स लाने के लिए पानीपत, सोनीपत और अंबाला भेजा गया है। इसके कारण डिपो में बसों की कमी हो गई है। इसका प्रभाव लोकल तथा लंबे रूट पर पड़ा है। -राजेश, डीआई, रोडवेज डिपो, जींद।
23जेएनडी14-बस अड्डे पर खड़ी रोडवेज बसें। संवाद