जींद। स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी साझा मोर्चा के बैनर तले एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) कर्मचारियों की 13वें दिन बुधवार को भी हड़ताल जारी रही। उन्होंने सरकार से उम्मीद थी कि हरियाली तीज पर मुख्यमंत्री कर्मचारियों को पक्का कर 400 महिलाओं को तोहफा देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
धरने की अध्यक्षता स्टाफ नर्स मंजू कालवा व रीना ने की तथा मंच संचालन स्टाफ नर्स विनती ने किया। कर्मचारियों ने मांग की कि एनएचएम कर्मचारियों को पक्का किया जाए। सांतवें वेतनमान का लाभ दिया जाए तथा सर्विस रूल के साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए। एनएचएम कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा प्रदान की जाए। एलटीसी, ग्रेजुटी व एक्सग्रेसिया का लाभ दिया जाए। सेवा अनुसार ईएल, स्टडी लीव, टयूशन फीस का लाभ दिया जाए। आयुषमान भारत योजना के तहत सीएचओ कैडर की एसओपी को लागू किया जाए तथा साथ ही बोंड प्रथा को समाप्त किया जाए। एचआर की एवज में नियमानुसार स्वास्थ्य विभाग में क्वार्टर अलॉट किया जाए। ट्रांसफर सुविधा दी जाए जोकि कुछ समय पहले ली गई है। वर्ष 2017 से 2024 तक कर्मचारियों द्वारा दी गई हड़ताल अवधि का वेतन प्रदान किया जाए व समय अवधि को सेवा अवधि में गणना की जाए। कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। कर्मचारियों ने सरकार को चेताया है कि संगठन मांगे पूरी न किए जाने पर कठोर निर्णय लेने में भी पीछे नहीं हटेगा। कर्मचारियों के हितों के लिए संगठन मजबूती से लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में स्टेट कमेटी की बैठक होनी है। यदि सकारात्मक फैसला नहीं आता है तो हड़ताल जारी रहेगी।
इस अवसर पर अमित लाडवाल, बलराज, डॉ. अरुण, डॉ. अमित, डॉ. संदीप शर्मा, कमलेश बिश्नोई, गौरव सहगल, प्रवीण कुमार, राजरानी, वीरेंद्र, सोनिया डाइटीशियन, सुमन, पूनम, एकता, पिंकी, नीनु, दीपक, डॉ. विक्रम मौजूद रहे।