मांगों को लेकर पिछले तीन दिन से नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। धरने को लीड कर रहे एनएचएम एसोसिएशन के चार पदाधिकारियों को विभाग ने बर्खास्त कर दिया है। वहीं एनएचएम कर्मचारियों के धरने का सहयोग करने पर नेत्र सहायक राजबीर बेरवाल को 60 दिन के लिए डेप्यूूटेशन पर मेवात भेज दिया है। विभाग के सख्त रुख को देखते हुए एनएचएम के 73 कर्मचारी दोपहर बाद काम पर लौट आए। विभाग द्वारा धरने को समाप्त करवाने के लिए अस्पताल में धारा 144 लागू कर दी गई है। धारा 144 लागू होने के तुरंत बाद धरने पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों ने अपना धरना उठा लिया। अब एनएचएम कर्मचारी शुक्रवार से अस्पताल के बाहर अपना धरना देंगे। सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। गौरतलब है कि पिछले तीन दिनों से एनएचएम कर्मचारी नियमित करने और नियमित होने तक समान काम व समान वेतन की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए थे। एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए विभाग के पक्के कर्मचारियों द्वारा कामकाज को संभाला गया था। एंबुलेंस के कंट्रोल रूम को संभालने के लिए आपरेटरों तथा एंबुलेंसों को चलाने के लिए विभाग के पक्के चालकों की ड्यूटी लगाई गई थी। तीन दिन से चल रही एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल पर गए कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रवैया अपनाते हुए धरने को लीड कर रहे एनएचएम के चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया और धरने को समाप्त करवाने के लिए अस्पताल परिसर में धारा 144 लागू कर दी गई। धारा 144 लागू होने के तुरंत बाद धरने पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
इन-इन पर गिरी गाज
स्वास्थ्य विभाग द्वारा हड़ताल पर गए एनएचएम कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख किया गया है। विभाग द्वारा धरने को लीड करने पर एनएचएम एसोसिएशन के जिला प्रधान गौरव सहगल, एएमओ डॉ. अमित, डॉ. अजय मोर और एंबुलेंस सेवा के फेलिट मैनेजर दिनेश को बर्खास्त कर दिया। वहीं धरने का सहयोग करने पर नेत्र सहायक राजबीर बेरवाल का मेवात के फिरोजपुर झिरका में 60 दिन के लिए डेप्यूटेशन कर दिया गया है। विभाग के सख्त रवैये को देखते हुए एनएचएम के लगभग 73 कर्मचारी शाम को वापस काम पर लौट आए हैं।
किसी तरह का काम बाधित नहीं हुआ
रेफरल ट्रांसपोर्ट सेवा के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राजेश भोला ने बताया कि तीन दिनों से एंबुलेंस चालकों के काम पर वापस न आने पर किसी तरीके से भी काम को बाधित नहीं होने दिया गया। सामान्य अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को हर समय रेफरल सेवा उपलब्ध करवाई गई। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को एंबुलेंस चालकों की नई भर्ती किए जाने के आदेश दिए थे, लेकिन वीरवार शाम को ही 39 एंबुलेंस चालक, 30 ईएमटी, चार 102 कंट्रोल रूम आपरेटरों ने सिविल सर्जन के सम्मुख पेश होकर काम पर वापस लौटने की बात कही। जिसे सिविल सर्जन ने स्वीकार कर लिया और सभी चालक काम पर वापस लौट आए हैं।
एनएचएम कर्मचारियों द्वारा पिछले तीन दिन से मांगों को लेकर हड़ताल की जा रही थी। स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए चिकित्सकों व पक्के कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हड़ताली कर्मचारियों पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए हड़ताल कर रहे कर्मियों को लीड कर रहे चार एनएचएम कर्मचारियों को बर्खास्त करने के आदेश जारी किए हैं। बर्खास्तगी के आदेशों की प्रति उन्हें मिल गई हैं। इन कर्मचारियों में दो कर्मचारी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना के आयुर्वेदिक मेडिकल आफिसर, एक इंफोरमेशन असिस्टेंट, रेफरल एवं ट्रांसपोर्ट में कार्यरत फ्लीट मैनेजर शामिल हैं। इसके साथ ही नेत्र सहायक राजबीर बेरवाल का मेवात के फिरोजपुर झिरका में 60 दिन के लिए डेप्यूटेशन कर दिया गया है। अस्पताल परिसर में धारा 144 लगा दी गई है।
- डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन
एनएचएम कर्मचारी शांतिपूर्वक तरीके से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे थे। सरकार द्वारा एनएचएम कर्मचारियों के खिलाफ तानाशाह रवैया अपनाया गया है, लेकिन एनएचएम कर्मचारी सरकार के इस तानाशाही रवैये से डरने वाले नहीं है। हमारा धरना निरंतर जारी रहेगा। अस्पताल में धारा 144 लगाए जाने के कारण शुक्रवार से यह धरना अस्पताल के गेट के बाहर दिया जाएगा।
- गौरव सहगल, जिला प्रधान
एनएचएम एसोसिएशन, जींद
नागरिक अस्पताल, जींद