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पुरानी घोषणा की नई पैकेजिंग : जींद में अब 550 नहीं 750 बेड का बनेगा मेडिकल कॉलेज

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हैबतपुर गांव में मेडिकल कॉलेज की साइट। - फोटो : Jind
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पांच साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा जींद में मेडिकल कॉलेज बनाने की परियोजना पर एक बार फिर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने घोषणा की है। हालांकि अब मेडिकल कॉलेज 750 बेड का बनाया जाएगा। पहले 550 बेड का मेडिकल कॉलेज बनाने की प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल मेडिकल कॉलेज की डीपीआर बनाने के लिए टेंडर खुल चुके हैं और एजेंसी से रेट कम करने को लेकर बातचीत चल रही है। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के साथ एमएस व एमडी कोर्स भी करवाए जाएंगे।
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गौरतलब है कि दिसंबर 2014 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जींद में अपने पहले ही दौरे के दौरान मेडिकल कॉलेज की घोषणा की थी। पहले इसके लिए साइट तलाशने में सरकार को काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन तीन साल पहले हैबतपुर गांव की पंचायत ने मेडिकल कॉलेज के लिए 24 एकड़ जमीन दे दी थी। मेडिकल कॉलेज के लिए फिलहाल डीपीआर तैयार की जा रही है। शुक्रवार को जींद पहुंच उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हैबतपुर में 750 बेड का मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर केबिनेट की इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी द्वारा मंजूरी प्रदान कर दी है। जेजेपी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि इस मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के साथ-साथ एमएस तथा एमडी जैसे उच्च स्तरीय कोर्स करवाए जाएंगे।
525 करोड़ रुपये होंगे खर्च
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर करीब 525 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं पहले बनी डीपीआर में भी इसी राशि का प्रावधान है। हालांकि यह राशि प्रथम चरण में बनने वाली सात मंजिला मेडिकल कॉलेज, सात मंजिला अस्पताल के साथ हॉस्टल, मेस, पार्किंग व अन्य कार्यों के लिए है। फिलहाल डीपीआर तैयार करने वाली एजेंसी ने इसके लिए तीन करोड़ रुपये का टेंडर दिया है, लेकिन विभाग बातचीत कर इस राशि को कम करवाने की प्रक्रिया पर काम कर रहा है। मेडिकल कॉलेज में अस्पताल का भवन गोलाकार बनेगा।
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ऐसे होगी अधिक बेड की व्यवस्था
सरकारी भवनों में तीन मंजिल तक की इमारतों के लिए एक से दो मंजिल व पांच मंजिल से अधिक की इमारतों में दो से तीन मंजिल अतिरिक्त बनाने की व्यवस्था की जाती है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार भवन को सात मंजिल से बढ़ाकर नौ या दस मंजिल का कर 200 बेड की क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
दस हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में होगी सीवरेज की सुविधा
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश भर के दस हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में वहां गंदे पानी की निकासी के लिए सीवरेज व्यवस्था कर स्थायी समाधान किए जाएंगे। दोबारा प्रयोग में लाने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था भी की जाएगी।
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