मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पंद्रह अक्टूबर को जींद दौरे से बंद पड़ी कई योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कई बड़ी घोषणाएं भी कर सकते हैं। दरअसल मुख्यमंत्री पंद्रह अक्टूबर को जींद में भगवान बाल्मीकि की जयंती मनाने आ रहे हैं। इससे लोगों को मनोहर सरकार से कई बड़ी घोषणाओं की उम्मीद है, वहीं लोग पुरानी घोषणाओं पर काम शुरू होने के इंतजार में हैं। इसमें लंबे समय से अटके बाईपास का निर्माण, शिलान्यास हो चुके मेडिकल कॉलेज का निर्माण और दो साल पहले घोषित पॉलीटेक्निक कॉलेज का निर्माण शामिल हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने बताया कि जींद क्षेत्र की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री ने स्वयं मुझे बुलाया था। इसके लिए मैंने स्थानीय नेताओं से भी बातचीत की है। रैली में करीब 50 बड़ी घोषणाएं होंगी, इनमें जींद के लिए भी काफी कुछ होगा। जींद को विकास के मामले में रोहतक से पीछे नहीं रहने दिया जाएगा। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि जींद के बाईपास शहर की बहुत पुरानी मांग पूरी हो सकती है। इस परियोजना पर करीब 25 साल पहले काम शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक यह सिरे नहीं चढ़ा है। हालांकि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी 11 सितंबर को बाईपास का भूमि पूजन कर चुके हैं, लेकिन अभी तक दोबारा टेंडर नहीं हुआ है। इससे पहले तीन फरवरी 2008 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी बाईपास का भूमि पूजन किया था। बाईपास सहित रोहतक रोड से पंजाब बार्डर तक फोर लेन के लिए 20 सितंबर को टेंडर खोले गए, लेकिन इसमें कोई भी कंपनी सरकारी शर्तों पर खरी नहीं उतरी। ऐसे में यह परियोजना एक बार फिर से अटक गई है।
मेडिकल और पॉलीटेक्निक कॉलेज पर नजर
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 26 दिसंबर 2014 को जींद में मेडिकल कॉलेज और पॉलीटेक्निक कॉलेज की घोषणा की थी। अभी तक मेडिकल कॉलेज को ही मंजूरी मिल पाई है। ऐसे में 15 अक्टूबर की रैली में मुख्यमंत्री जींद को इन दोनों संस्थाओं के निर्माण कार्य शुरू करवाने की सौगात देंगे। इससे जींद जिले के लोगों को काफी राहत महसूस होगी।
पुरानी योजना होंगी पूरी
सरकार जींद के विकास को लेकर गंभीर है। ऐसे में गरीबी उन्मूलन की काफी घोषणाएं जींद रैली के मंच से होंगी, लेकिन जींद के विकास के लिए पहले से की गई घोषणाओं को अमलीजामा पहनाना प्राथमिकता है।
- अमरपाल राणा, जिलाध्यक्ष भाजपा।
दोबारा होंगे टेंडर
बाईपास निर्माण के लिए 20 सितंबर को टेंडर खोले गए थे, लेकिन इसमें टेंडर देने वाली कंपनियां नियमों को पूरा नहीं कर रही थी। ऐसे में दोबारा टेंडर लिए जाएंगे।
- प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचआई, हिसार।
पेयजल मुहैया करवाए सरकार
जींद जिले में विशेषकर जुलाना हलका पेयजल संकट से जूझ रहा है। सरकार को प्राथमिकता के आधार पर यह काम करना चाहिए। पेयजल आधारभूत जरूरत है। किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है। इसके लिए व्यापक योजना की जरूरत है।
- परमेंद्र सिंह ढुल, विधायक जुलाना
लावारिस पशुओं की हो व्यवस्था
जींद के लोगों के लिए लावारिस पशु सबसे बड़ी परेशानी बन चुके हैं। किसानों को रात दिन खेत में रहकर फसल की रखवाली करनी पड़ती है। ऐसे में मुख्यमंत्री को जींद में लावारिस पशुओं के लिए कुछ करना चाहिए।
- टेकराम कंडेला, राष्ट्रीय संयोजक, सर्व जातीय खाप
मिलें स्वास्थ्य सुविधाएं
जींद की पहचान बेहद पिछड़े क्षेत्र के रूप में हो रही है। ऐसे में यहां ओवर ऑल विकास की जरूरत है, लेकिन सबसे अधिक खस्ताहाल यहां स्वास्थ्य सेवाएं हैं। सरकार मेडिकल कॉलेज की बात कर रही है, लेकिन नागरिक अस्पताल में ही चिकित्सक नहीं हैं। इस ओर ध्यान देना चाहिए।
कर्मबीर दूहन, अध्यक्ष, नागरिक मंच।