04जेएनडी01: डॉ. सुनील जागलान ने अपने घर के बाहर बेटी के नाम से लगाई नेम प्लेट। स्रोत: स्वयं
जींद। राष्ट्रीय डॉटर्स नेमप्लेट दिवस पर शनिवार को देशभर में बेटियों के सम्मान और समान पहचान का संदेश दिया गया। अभियान की शुरुआत 5 जुलाई 2015 को हरियाणा के जींद जिले के बीबीपुर गांव से हुई थी। सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के संस्थापक एवं पूर्व सरपंच सुनील जागलान ने अपनी बेटी नंदिनी के नाम की नेमप्लेट घर के बाहर लगाई थी।
11 वर्षों में यह पहल जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। अभियान के तहत अब तक दो लाख से अधिक घरों पर बेटियों के नाम की नेमप्लेट लगाई जा चुकी हैं। यह पहल हरियाणा से निकलकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों और नेपाल तक पहुंच चुकी है।
नूंह जिले के किरूरी और भूतलाका देश के पहले ऐसे गांव बने जहां प्रत्येक घर पर बेटी के नाम की नेमप्लेट लगाई गई। अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी सराहना कर चुके हैं।
वर्ष 2017 में हरियाणा सरकार ने बेटी के जन्म पर घर के बाहर उसका नाम लिखने की पहल शुरू की जिसे बाद में अन्य राज्यों ने भी अपनाया। सुनील जागलान ने बताया कि शुरुआती दौर में विरोध और नेमप्लेट तोड़े जाने जैसी घटनाएं भी सामने आईं लेकिन अभियान लगातार आगे बढ़ता रहा।
उन्होंने कहा कि अब लोग स्वयं बेटियों के जन्म पर नेमप्लेट लगाने के लिए आमंत्रित करते हैं, जो समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। उन्होंने बताया कि अब अभियान को नए स्वरूप में आगे बढ़ाने की तैयारी है ताकि बेटियों के सम्मान, समान पहचान और अधिकारों को लेकर समाज में और व्यापक जागरूकता लाई जा सके।