जींद। नरवाना क्षेत्र और आसपास के गांवों को देश में हैंडबाल की सबसे मजबूत नर्सरी माना जाता है। छोटे गांवों से निकलकर खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रहे हैं। खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व कर देश का नाम रोशन किया है।
जिले की महिला खिलाड़ियों ने हैंडबाल में खास पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आशा रानी (गांव दनोदा कलां) भारतीय महिला हैंडबाल टीम की अहम सदस्य रही हैं। उन्होंने एशियन गेम्स और ओलंपिक क्वालीफायर जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसी तरह प्रियंका ने भी एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया।
वहीं ज्योति बैनिवाल, रिम्पी, सोनिका, मोनिका, सुषमा, निक्की, सिमरन, मीनू, गरिमा, संध्या, दिशा, काजल और अनुमीत जैसी खिलाड़ियों ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए खेला है। अनुमीत वर्तमान में कोच के रूप में नई प्रतिभाओं को तैयार कर रही हैं।
जिले खिलाडियों ने हैंडबाल लीग में बेहतरीन प्रदर्शन किया
पुरुष वर्ग में भी जिले के खिलाड़ियों ने मजबूत पहचान बनाई है। अमन नैन ने प्रीमियर हैंडबाल लीग में बेहतरीन प्रदर्शन कर नाम कमाया और अब भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं। इनके अलावा मनीष, विकास, दीपांशु, वशुतोष, पंकज साहू, आशुतोष, वैभव, अरमान, अरुण, अनुप और विक्की जैसे खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। कोच चिराग भी जिले में नई प्रतिभाओं को तराशने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दनोदा गांव को भी हैंडबाल की मजबूत नर्सरी माना जाता है। यहां से मोनिका, प्रीति, अणिका, सुषमा, मनोज और अशोक जैसे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। वहीं नरवाना क्षेत्र से हैप्पी, अशोक, प्रदीप और सलीम ने भी भारतीय टीम और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर जिले का गौरव बढ़ाया है।