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Jind News: मशरूम की खेती बनी कुंभकारों का व्यवसाय

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24जेएनडी33-खुंबी का उत्पादन करने के लिए तैयार की गई जगह। संवाद
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जुलाना। न ही घर की जमीन थी और न ही पूंजी। मेहनत व लगन से खुंबी के कई फार्म लगा लिए। उत्पादन में बढ़ोतरी हुई और जुलाना की खुंबी दिल्ली की मंडियों में जाने लगी। जुलाना क्षेत्र के लाइन पार कालोनी में बसे कुंभकारों के लिए खुंबी अब उनका व्यवसाय बन चुकी है। 7-8 वर्ष पहले जो परिवार खुंबी की सब्जी तक नहीं बनाना जानते थे, आज वहीं परिवार खुंबी उगाने में महारत हासिल कर चुके हंै। उनकी खुंबी जींद, रोहतक व दिल्ली की मंडियों में बिक रही है। हर वर्ष उनके द्वारा कई लाख रुपये की खुंबी का उत्पादन किया जा रहा है। लगभग एक दर्जन परिवार से भी ज्यादा इन दिनों खुंबी उत्पादन के कार्य में जुटे हुए है। खुंबी उत्पादन में लगे लोगों का कहना है कि सरकार ने कोई सहायता राशि भी नहीं दी जा रही है। सरकार की ओर से ऐसे उत्पादकों को अब तक कोई भी सहायता राशि नहीं दी गई है। उन्हें खुंबी उगाने के लिए सरकार द्वारा दी गई सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता। उनका कहना है कि काफी रुपये खर्च कर खुंबी उगाने पर सब्सिडी के नाम के उनसे उद्यान विभाग द्वारा फार्म भरवाएं गए थे। कई वर्ष बीतने के बाद भी उन्हें कोई सब्सिडी नहीं मिल पाई है।
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कुंभकारों ने करीब 7-8 वर्ष पहले उनके एक रिश्तेदार से खुंबी उगाने का कार्य सीखा। इसके बाद उसने दो-तीन साल तक खुंबी का अच्छा उत्पादन किया। खुंबी उत्पादन में इस समय उन्होंने दो दर्जन से भी ज्यादा फार्मों में खुंबी का उत्पादन किया हुआ है। एक बार खुंबी की फसल लगाने के बाद उससे तीन या चार बार फसल का लाभ लिया जा सकता है। हर वर्ष खुंबी उगाने वाले फार्मों में बढ़ोतरी हो रही है।

काबिलेगौर है कि इनके पास न पर्याप्त मात्रा में पूंजी है और ही जमीन फिर भी उनकी लगन व मेहनत के चलते हर वर्ष खुंबी उत्पादन में बढ़ोतरी की जा रही है। बीपीएल परिवार होने के बाद भी उनकी मेहनत व लग्न देखकर हर कोई हाथ मलता रह जाता है। ठेके पर जमीन लेकर उन्होंने अपने खुंबी फार्म बनाए हुए हैं। कई क्विंटल खुंबी वे हर रोज दिल्ली, रोहतक, जींद आदि शहरों में सप्लाई करते हैं और इसके सहारे ही अपनी आजीविका चलाते हैं।
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एक फार्म पर आता डेढ़ लाख रुपये खर्च

एक फार्म को तैयार करने में लगभग डेढ़ लाख रूपये का खर्च आता है। फार्म की लंबाई 55 फीट और 27 फीट तक चौड़ाई होती है। फार्म के अंदर का तापमान 18 डिग्री से लेकर 24 डिग्री तक रखा जाता है। सबसे पहले 40 किवंटल साफ तुड़ी ली जाती है। तुड़ी में 2 बैग यूरिया, एक बैग सिंगल सुपर, एक बैग पोटाश, एक बैग डीएपी, सात बैग जिप्सम, 50 किलोग्राम बिनौले की खल, 50 किलोग्राम शीरा का मिश्रण तैयार किया जाता है। एक महीनेे में आठ बार पलटी मारी जाती है। एक महीने तक भिगोकर मिश्रण तैयार किया जाता है। एक महीने बाद फार्म में मिश्रण डाला जाता है। एक फार्म में 100 किलोग्राम मशरूम का बीज डाला जाता है।



खुंबी उत्पादक हवा सिंह का कहना है कि खुंबी का उत्पादन कम व ज्यादा होने से भी भाव में उतार-चढ़ाव हो रहे है क्योंकि तीन वर्ष पहले उनके द्वारा उगाई गई खुंबी 150 से 175 रुपये प्रति किलों के हिसाब से बिकी थी। उस समय खुंबी का उत्पादन कम था मगर आज कल खुंबी उत्पादकों की संख्या ज्यादा होने के कारण मंडियों में खुंबी का भाव 100 रुपये प्रति किलो के आसपास चल रहा है। पिछले वर्षों के भाव को देखते हुए ये भाव कम है।
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