फर्जी आयकर अधिकारी बनाकर ठगी करने वाले मुनीष वर्मा को रिमांड पर लेने के बाद पुलिस उसे लेकर दिल्ली के उसके निवास पर गई। वहां से पुलिस ने लैपटॉप और प्रिंटर बरामद किया है। लैपटॉप के माध्यम से पुलिस यह पता लगाएगी कि उसने अब तक फर्जी आईडी पर बैंक खाते खुलवाकर कितने लोगों से कितनी राशि की ठगी की है। अब तक मुनीष द्वारा फर्जी आईडी पर चार खाते खुलवाने की जानकारी मिली है।
मुनीष वर्मा कई वर्षों से लोगों को ठगने का काम कर रहा था। उसने इसकी शुरुआत लोगों को सट्टा लगवाने के काम में धकेलने से शुरू की थी। इसके बाद इंश्योरेंस के नाम पर लोगों को ठगने लगा था। वह लोगों से उनकी किस्त के पैसे अपने फर्जी पर खोले गए खातों में डलवाता था। बाद में उस पैसे को खाते से निकालकर मौज मस्ती करता था। जितने भी पैसे स्वाति और श्वेता के साथ मिलकर ठगी से कमाता था उसे शराब पीने से लेकर दूसरे राज्यों में घूमकर मस्ती में उड़ाता था। लॉकडाउन के दौरान मुनीष ने फर्जी अधिकारियों का गिरोह बनाकर ठगी करने का नया काम शुरू किया था। इस काम में वह अपने अन्य साथियों को भी जोड़ना चाह रहा था, लेकिन दोस्तों ने साथ देने से मना कर दिया। इस पर उसने श्वेता और स्वाति को चुना, क्योंकि दोनों बोलने में तेज थीं और महिला होने के कारण उन पर लोगों को शक भी कम होने का डर था। प्रशिक्षण लेने के बाद जींद में दोनों महिलाएं पहली बार ठगी करने पहुंची थी, मगर पकड़ी र्गईं।
लैपटॉप और प्रिंटर किया बरामद, आज किया जाएगा अदालत में पेश
मुनीष वर्मा को रिमांड पर लेकर उससे लैपटॉप और प्रिंटर बरामद कर लिया गया है। मनीश द्वारा चार फर्जी खाते खोलने के बारे में जानकारी मिली है। फर्जी बैंक खातों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इन खातों में जहां से पैसे आए हैं, उनकी जांच करवाकर संबंधित पुलिस थाने में जानकारी दी जाएगी। 26 अगस्त को मुनीष वर्मा को अदालत में पेश किया जाएगा।
जितेंद्र सिंह खटकड़ डीएसपी उचाना।