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Jind News: नागरिक अस्पताल में दिसंबर से शुरू होगी एमआरआई जांच सुविधा, मरीजों को मिलेगी राहत

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जींद। नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को जल्द ही एमआरआई जांच की सुविधा मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के पुराने एसएनसीयू भवन में एमआरआई केंद्र तैयार करने का काम शुरू करवा दिया है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड पर संचालित होने वाली इस सुविधा के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
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विभाग को उम्मीद है कि दिसंबर के प्रथम सप्ताह तक मरीजों को यहां एमआरआई जांच की सुविधा मिलने लगेगी। मरीजों को एमआरआई जांच के लिए रोहतक पीजीआई या खानपुर मेडिकल कॉलेज के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे।
अस्पताल में प्रतिदिन 1800 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इनमें कई मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें बीमारी की सही पहचान और आगे के इलाज के लिए एमआरआई जांच करवाने की सलाह दी जाती है।
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अभी नागरिक अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को रोहतक पीजीआई या खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को जांच के लिए दूसरे शहरों तक जाने, आने-जाने का खर्च उठाने और इलाज में देरी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में ही यह सुविधा शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

जगह नहीं मिलने से कई महीने अटकी रही योजना
नागरिक अस्पताल में एमआरआई सुविधा शुरू करने की योजना पिछले कई महीनों से जगह की कमी के कारण अटकी हुई थी। स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल परिसर में मशीन लगाने और केंद्र संचालित करने के लिए उपयुक्त स्थान नहीं मिल पा रहा था। अब एसएनसीयू को नए भवन में शिफ्ट किए जाने के बाद पुराना भवन एमआरआई केंद्र के लिए उपलब्ध हो गया है। इसके बाद विभाग ने यहां जरूरी तैयारियां शुरू करवा दी हैं।
बीमारियों की पहचान में अहम है एमआरआई जांच
एमआरआई जांच कई तरह की बीमारियों की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। खासकर मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, नसों और शरीर के विभिन्न आंतरिक अंगों से जुड़ी समस्याओं में चिकित्सक मरीज को यह जांच करवाने की सलाह देते हैं। समय पर जांच होने से बीमारी की स्थिति समझने और आगे के इलाज की दिशा तय करने में मदद मिलती है।

निजी केंद्रों पर जाने की मजबूरी होगी कम
फिलहाल सरकारी अस्पताल में एमआरआई की सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों के चिकित्सा संस्थानों का सहारा लेना पड़ता है। इससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है और परिजनों का समय भी खर्च होता है। खासकर गंभीर मरीजों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए दूसरे शहर जाकर जांच करवाना चुनौतीपूर्ण रहता है।
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पीपीपी मोड पर एमआरआई केंद्र शुरू होने से मरीजों को नागरिक अस्पताल परिसर में ही बेहतर जांच की सुविधा मिलेगी। जांच की दरें, उपलब्ध समय और मरीजों को मिलने वाली रियायतों से संबंधित जानकारी सुविधा शुरू होने के समय स्पष्ट होगी। दिसंबर में अस्पताल में यह सुविधा शुरू करवाई जाएगी। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
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