27जेएनडी05 : अस्पताल में पहुंचे परिजन विलाप करते हुए। संवाद
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जुलाना। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिलिवरी के लिए आई महिला और बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सकाें पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
लिजवाना कलां गांव निवासी संदीप ने बताया कि उसके छोटे भाई की पत्नी 30 वर्षीय स्वीटी को तीसरा बच्चा होना था। प्रसव पीड़ा के दौरान उसे सोमवार दिन में लगभग 11 बजे जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया।
जहां पर चिकित्सकों ने बताया कि उसका ब्लड प्रैशर ज्यादा है। करीब आधा घंटे बाद डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन दिया और आधे घंटे तक इंतजार करने के लिए कहा।
कुछ देर बाद स्वीटी ने कहा कि उसके सिर में ज्यादा दर्द हो रहा है। परिजन डॉ. के पास गए लेकिन डॉ. नही आए और स्वीटी के मुहं में झाग आ गए और उसकी मौत हो गई। साथ में उसके गर्भ में बच्चे की भी मौत हो गई। स्वीटी को पहले सात साल की लड़की और एक तीन साल का लड़का है। चिकित्सकों ने 27 अक्तूबर को डिलिवरी की तारीख दी थी।
एसएमओ डॉ संजीव शर्मा ने बताया कि दस दिन महिला को पीजीआई रोहतक में दांत के इलाज के लिए लेकर गए थे लेकिन बीपी की ज्यादा दिक्कत होने के कारण उन्होंने दवाई दे दी थी। आज सुबह महिला अस्पताल में आई थी। बीपी की वजह से समस्या हो गई। इलाज के दौरान दौरा आ गया। इलाज के दौरान ज्यादा समय नही लगा और महिला की मौत हो गई।