02जेएनडी33: नागरिक अस्पताल में मरीज को ऑप्रेशन के लिए लेकर जाते हुए। संवाद
जींद। जिले के निजी अस्पतालों में रोजाना आयुष्मान कार्ड पर 50 से 60 मरीजों के ऑपरेशन होते हैं। दो दिन से निजी अस्पताल संचालक आयुष्मान व चिरायु कार्ड वालों का उपचार नहीं कर रहे हैं। उपचार न करने का फैसला पांच जुलाई तक लिया है। इसके कारण अस्पतालों में आए मरीज वापस जाने के लिए मजबूर हैं।
शहर के निजी अस्पतालों में पहले से दाखिल मरीजों का उपचार तो किया जा रहा है, लेकिन नए मरीजों का इलाज बंद किया गया है। जिसके चलते मंगलवार को नागरिक अस्पताल में कई मरीजों ने अपना इमरजेंसी में इलाज करवाया। जींद में 11 सरकारी व 16 निजी अस्पताल आयुष्मान पैनल पर हैं। जिले में डेढ़ लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान व चिरायु कार्ड भी बने हुए हैं। जिले के निजी अस्पतालों में हर रोज लगभग 60 ऑपरेशन होते हैं। जिले के निजी अस्पतालों के लगभग सात करोड़ रुपये सरकार की तरफ पिछले तीन महीने से बकाया है। जब तक निजी अस्पतालों के सरकार बकाया रुपये अदा नहीं करती, तब तक इन अस्पतालों ने कार्डों पर इलाज करने से मना किया है।
आईएमए के प्रधान डॉ. मनोज के नेतृत्व में निजी अस्पतालों के चिकित्सकों की मंगलवार को बैठक हुई। जिसके बाद नागरिक अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल को ज्ञापन सौंपकर अस्पतालों की बकाया राशि जारी करवाने की मांग की। सरकार से हुए समझौते के तहत इलाज किए गए पैसे का भुगतान ज्यादा से ज्यादा 15 दिनों के भीतर हो जाना चाहिए था। तीन महीने तक इलाज के रुपये नहीं मिलने से चिकित्सकों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। ो
02जेएनडी33: नागरिक अस्पताल में मरीज को ऑप्रेशन के लिए लेकर जाते हुए। संवाद