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रंगदारी न देने पर शराब ठेके पर की फायरिंग

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जिला कारगार में कई मामलों में बंद शातिर अपराधियों द्वारा शराब ठेकेदार से मंथली मांगने का मामला सामने आया है। मंथली नहीं देने पर शराब ठेकेदार को जान से मारने की धमकी भी दी गई है। शराब ठेकेदार ने मंथली नहीं दी तो18 मई की रात को राजपुरा भैण के शराब ठेके पर कार सवार दो युवक पहुंचे कई राउंड फायरिंग कर दी।
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पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फायरिंग करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश करके जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार गांव निडाना निवासी जितेंद्र ने गांव राजपुरा भैण में शराब का ठेका बनाया है। 18 मई की रात को कार सवार दो युवक आए और शराब ठेके के बाहर कई राउंड फायरिंग कर दी। शराब ठेकेदार जितेंद्र के अनुसार करीब एक माह पहले जेल में बंद शातिर बदमाश गांव रामराये निवासी गुगन व हिम्मत का फोन आया और मंथली देने की बात कही। इस पर उसने फोन को अनसुना कर दिया, लेकिन दस दिन पहले फिर से उसके मोबाइल पर फोन आया मंथली नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। फिर भी वह इस बात को अनसुना करता रहा। लेकिन18 मई की रात को दो युवक आए और उन्होंने बताया कि जेल में बंद गुगन व हिम्मत उसके साथियों ने भेजा है और उनको ठेके से कमीशन चाहिए।

जब उन्होंने इंकार कर दिया तो आरोपियों ने वहां पर कई राउंड फायरिंग करके व जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पुलिस ने जितेंद्र की शिकायत पर गांव रामराये निवासी गुगन, हिम्मत, राममेहर, गांव पोकरी खेड़ी निवासी नरेश, गांव ईटल कलां निवासी मोनू, बिंद्र, गांव ईक्कस निवासी अशोक तथा एक अन्य के खिलाफ जानलेवा हमला करने, शस्त्र अधिनियम तथा साजिश रचने का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी नरेश तथा राममेहर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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जेल की सुरक्षा पर उठे सवाल
जिला कारागार में बंद शातिर बदमाशों द्वारा फोन पर शराब ठेकेदार से मंथली मांगने से जेल प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठे है। जेल व पुलिस प्रशासन द्वारा समय-समय पर जेल में सर्च अभियान चलाने का दावा किया जाता है, लेकिन उसके बावजूद भी शातिर बदमाशों के पास मोबाइल पहुंच रहे है और जेल के अंदर ही बैठकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे है। शराब ठेकेदार के मामले में भी शातिर बदमाश गुगन व हिम्मत जेल में बंद है, लेकिन उसके बावजूद भी फोन पर शराब ठेकेदार से मंथली मांगी गई। इसी प्रकार का एक मामला कुछ दिन पहले हांसी क्षेत्र के शराब ठेकेदार ने भी पुलिस को दिया था। उस समय भी जींद जेल में बैठे एक अपराधी पर ही पैसे मांगने का आरोप लगा था।
 
जेल के भीतर से दी धमकी
मामले के जांच अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि शराब ठेकेदार से पहले जेल के अंदर से फोन करके धमकी दी गई है। जब शराब ठेकेदार ने कमीशन नहीं दिया तो ठेके पर फायरिंग करवा दी। इस मामले में फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।
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जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
जेल से कैदी और बंदी अपने घर बात करते हैं। यह सुविधा उन्हें दि गई है। मामले में एफआईआर हो ही चुकी है तो जांच के बाद सारे तथ्य सामने आ जाएंगे।
डॉ. हरीश कुमार रंगा, जेल अधीक्षक
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