फोटो 8 नरवाना। कचरे से भरे पड़े नेशनल हाईवे के नाले। संवाद।
नरवाना। मानसून शुरू होने के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बने बरसाती व गंदे पानी के नालों की अब तक सफाई शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में तेज बारिश के दौरान हाईवे और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की आशंका बढ़ गई है। नालों में महीनों से जमा गाद, प्लास्टिक और अन्य कचरे के कारण बरसाती पानी की निकासी बाधित हो रही है।
कई स्थानों पर नालों के ऊपर रखी कंक्रीट की स्लैब टूटकर अंदर गिर चुकी हैं जिससे पानी का प्रवाह पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। सबसे अधिक परेशानी केएम राजकीय महाविद्यालय के मुख्य गेट के बाहर देखने को मिलती है।
हर वर्ष बारिश के दौरान यहां सड़क पर कई-कई घंटे तक पानी भरा रहता है। विद्यार्थियों को गंदे पानी से होकर कॉलेज आना-जाना पड़ता है। पानी भरने से जूते और कपड़े खराब हो जाते हैं जबकि कॉलेज से आने-जाने के लिए यही मुख्य रास्ता है।
विद्यार्थी अनिल, विजय, राहुल, विक्रम और रमेश ने बताया कि हर साल बारिश से पहले नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं लेकिन इस बार भी मानसून शुरू होने के बाद तक कोई काम शुरू नहीं हुआ। नालों में इतना अधिक कचरा जमा है कि बरसात का पानी अंदर जा ही नहीं पाता और सड़क पर जमा हो जाता है। यदि समय रहते सफाई नहीं कराई गई तो आगामी बारिश में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
नालों में लंबे समय से जमा गंदा पानी और कचरा मच्छरों के पनपने का कारण भी बन रहा है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और एनएचएआई को मानसून के दौरान आमजन को राहत देने के लिए तत्काल सफाई अभियान शुरू करना चाहिए।
एसडीएम बोले, जल्द कराई जाएगी सफाई
एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक कर हाईवे किनारे बने बरसाती व गंदे पानी के नालों की तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। बरसाती पानी की निर्बाध निकासी सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है ताकि कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। नालों में जमा गाद, कचरा और अन्य अवरोध जल्द हटाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय में कार्य शुरू नहीं होता है तो संबंधित अधिकारियों के साथ दोबारा बैठक कर सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य मानसून के दौरान आमजन को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देना है।
–जगदीश चंद्र, एसडीएम नरवाना।