शहर में बंदरों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। घरों के बाहर बैठी तीन महिलाओं को बंदरों ने काट लिया। इलाज के लिए नागरिक अस्पताल पहुंची महिलाओं को एंटी रेबीज के इंजेक्शन नहीं मिले। परिजनों ने बाजार से एंटी रेबीज के इंजेक्शन खरीदे। नीलम, शीला व कमलेश ने कहा कि वे मकान के आगे बैठी थीं तो बंदर उनके पीछे पड़ गए। बंदरों से बचने के लिए वे भागीं, लेकिन बंदरों ने उनको काट लिया। नीलम को भागते समय हाथ पर चोट भी लगी। महिलाओं ने कहा कि शहर में बंदरों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। पड़ोसियों द्वारा बचाव करने पर बंदर वहां से भागे। महिलाओं ने कहा कि हर रोज किसी न किसी गली में बंदर बच्चे, महिला व बुजुर्गों को काट रहे हैं। लोगों द्वारा बंदर को पकड़ने के लिए नपा प्रशासन से बार-बार मांग करने के बाद बंदरों को नहीं पकड़वाया जा रहा है।
70 हजार रुपये ले उड़े बंदर
उचाना कलां गांव में भौंगरा रोड पर बलबीर के मकान में कमरे में रखे कुर्ते को बंदर उठा ले गए। इसमें मोबाइल, जरूरी कागजात के साथ-साथ 70 हजार रुपये रखे थे। बलबीर ने कहा कि कमरे में कुर्ते को रखकर वह घर में काम कर रहा था। बंदर कमरे में रखे कुर्ते को उठाकर ले गए। इसमें से दो से तीन हजार रुपये की नकदी तो छत पर गिरी मिल गई, लेकिन बाकी नकदी व जरूरत कागजात कुर्ते के साथ बंदर लेकर भाग गए। बंदरों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। मकान में अगर दरवाजा खुला हो तो बंदर सामान उठा ले जाते हैं।
पीछे से नहीं आ रही सप्लाई
उचाना नागरिक अस्पताल के एमओ डॉ. सुशील गर्ग ने कहा कि पिछले दो से तीन महीने से जिलास्तर पर ही एंटी रेबीज इंजेक्शन की सप्लाई नहीं आ रही है। पीछे से कमी के चलते ब्लॉक स्तर पर एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं आ रहे हैं। वहीं मार्केट कमेटी के सचिव महाबीर सिंह ने कहा कि बंदरों को पकड़ने के लिए जल्द ही टेंडर निकाला जाएगा।