गांव दरौली खेड़ा में ग्राम विकास कमेटी के सदस्यों ने तालाब के मछली ठेकेदार के साथ मिलकर पंचायत विभाग को 16 लाख 15 हजार रुपये चूना लगाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने खंड के पंचायत अधिकारी की शिकायत पर मछली ठेकेदार सहित दस लोगों के खिलाफ अमानत में खयानत और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उचाना के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी महेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव दरौलीखेड़ा के पंचायती तालाब को 23 अगस्त 2015 को गांव काकड़ौद निवासी पवन ने 16 लाख 15 हजार रुपये के ठेके पर लिया था। तालाब के ठेके से आई राशि को गांव में गठित की गई आठ सदस्यीय कमेटी की देखरेख में गांव के विकास कार्यों पर खर्च करना था। इस राशि का कमेटी ने गांव के मंदिर के निर्माण कार्य शुरू करवा दिया, लेकिन थोड़े ही दिनों के बाद बंद कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी शिकायत खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में दी। जब पंचायत विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच की गई तो गांव के तालाब से आए राजस्व का कमेटी ने ठेकेदार के साथ मिलकर दुरुपयोग किया है। पुलिस ने पंचायत अधिकारी की शिकायत पर गांव काकड़ोद निवासी पवन, गांव दरौली खेड़ा निवासी नफे सिंह, बलवान, सतबीर, सुशील, देवीलाल, शमशेर, राज, ईश्वर, नफे सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले के जांच अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि गांव के तालाब के ठेके की राशि को दुरुपयोग करने की शिकायत आई थी। इसके आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।