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जींद जेल बनी कॉल सेंटर

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चंदन सत्यार्थी का कहना है कि ऐप में किसी भी गलत सूचना को नहीं डाला जा सकता।
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 जिला जेल बंदियों के लिए कॉल सेंटर बन गई है। जेल के अंदर ही बैठकर बंदी आपराधिक नेटवर्क चला रहे हैं। पूरे नेटवर्क का खुलासा रामराये के शराब ठेकेदार से फोन पर धमकी देकर फिरौती मांगने के आरोपी से पूछताछ और जेल के अंदर उसके द्वारा यूज किए गए मोबाइल नंबर के आधार पर हो पाया है। जब पुलिस ने शातिर बदमाश गुगन के जेल में प्रयोग किए गए मोबाइल की कॉल डिटेल को खंगाला तो पुलिस भी हैरान रह गई और केवल एक माह की कॉल डिटेल 40 पन्नों पर आ सकी। आरोपी ने एक माह में जेल के अंदर बैठे-बैठे ही लगभग पांच हजार के करीब कॉल करके अपने आपराधिक नेटवर्क को चलाया। जब शातिर बदमाश गुगन पुलिस रिमांड के दौरान पूरे मामले को उगल रहा था तो इस दौरान जेल प्रशासन हरकत में आया। आनन-फानन में जेल के अंदर से सात मोबाइल और चार सिम बरामद करने की शिकायत पुलिस को दी। जेल प्रशासन ने जो मोबाइल बरामद किए उसमें किसी भी आरोपी का नाम सामने नहीं लाया, बल्कि जेल प्रशासन के अनुसार सभी मोबाइल बैरकों के बाथरूम से बरामद करने का दावा किया है। जेल के अंदर से मोबाइलों का इतना बड़ा जखीरा मिलने व इतनी संख्या में कॉल होने पर जेल प्रशासन पर भी सवालिया निशान उठ रहा है और जेल प्रशासन के कर्मचारी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
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दिन-रात हुआ फोन का यूज
पुलिस द्वारा जेल के भीतर से बरामद मोबाइल की कॉल डिटेल में खुलासा हुआ कि मोबाइल को दिन व रात को दोनों ही समय पर यूज किया गया है। मोबाइल की कॉल डिटेल से पता चलता है कि शातिर बदमाश खुले तौर पर ही मोबाइल का प्रयोग करते थे।

एक माह में पांच हजार बार की कॉल
गांव रामराये के शराब ठेकेदार जितेंद्र से जेल के अंदर बैठे शातिर बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देकर रंगदारी मांगी, लेकिन जब उसने रंगदारी नहीं दी तो शातिर बदमाशों के गुर्गों ने उसके शराब ठेके पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज करके जींद जेल में बंद शातिर बदमाश गुगन को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर रिमांड पर लिया तो जेल के अंदर से ही पुलिस ने एक मोबाइल को बरामद किया। जब मोबाइल की कॉल डिटेल को खंगाला तो पुलिस हैरान रहे गई। शुरुआत में पुलिस ने एक माह की कॉल डिटेल को निकाला तो वह 40 पन्नों के अंदर आई और पुलिस सूत्रों के अनुसार एक माह के अंदर ही लगभग पांच हजार कॉल की गई है। इसी तरह शातिर बदमाश जेल के अंदर ही बैठकर अपने आपराधिक नेटवर्क को आपरेट कर रहे थे।
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सर्च अभियान के दौरान मिले मोबाइल
डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जेल उपाधीक्षक सेवा सिंह ने शिकायत दी है कि जेल प्रशासन द्वारा बैरकों में सर्च अभियान चलाया गया। इस दौरान सात मोबाइल व चार सिम बरामद किए गए। सर्च अभियान के दौरान बैरक एक के बाथरूम से दो मोबाइल व एक सिम बरामद हुए। बैरक दो से एक मोबाइल सिम सहित बरामद किया गया। बैरक पांच से भी एक मोबाइल फोन मिला। बैरक छह से एक मोबाइल सिम सहित मिला। बैरक सात से एक मोबाइल सिम सहित बरामद हुआ। जबकि एक मोबाइल को जेल प्रशासन ने पार्क में जमीन के नीचे दबा हुआ बरामद किया। पुलिस अब जेल के अंदर मिले मोबाइलों के सिमों की कॉल डिटेल को खंगाल रही है। पुलिस ने फिलहाल अज्ञात बंदियों के खिलाफ ही मामला दर्ज किया है।


जेल के अंदर से मोबाइल कॉल करके शातिर बदमाश अपने नेटवर्क को चला रहे हैं। फिलहाल एक सिम की एक माह की कॉल डिटेल को खंगाला है और काफी संख्या में कॉल की हुई है। इतना बड़ा नेटवर्क जेल कर्मचारियों की मिलीभगत के बगैर नहीं हो सकता है। इसलिए जेल कर्मचारियों को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा। अगर इसमें जो भी जेल कर्मचारी की मिलीभगत मिलेगी उसको किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा।
- राकेश कुमार आर्य, एसएसपी

 जेल प्रशासन समय-समय पर सर्च अभियान चलता रहता है। जेल के अंदर मोबाइल कैसे पहुंचे, इसका तो पता पुलिस जांच के बाद ही चल पाएगा। जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जेल के बाहर की दीवारों पर भी सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, ताकि जेल की दीवारों के ऊपर से मोबाइल न आ सके। फिलहाल जेल के अंदर से फोन पर बातचीत के बारे में वह कुछ नहीं कह सकते हैं, यह तो पुलिस की जांच का विषय है।
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- डॉ. हरिश कुमार रंगा, जेल अधीक्षक
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