10जेएनडी33-शहर में प्रदर्शन करते मनरेगा मजदूर और कर्मचारी। स्रोत स्वयं
जींद। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) जिला कमेटी के नेतृत्व में मजदूरों और कर्मचारियों ने मांगों को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
प्रदर्शन से पहले मजदूर व कर्मचारी नेहरू पार्क में एकत्रित और जनसभा की गई। इसकी अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष का. रमेश चंद्र व संचालन सचिव कपूर सिंह ने किया। इस दौरान राज्य उपाध्यक्ष का. विरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार मजदूर, कर्मचारी और किसान विरोधी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न हुए चुनाव में जनता ने भाजपा की नीतियों को समझ करके मतदान दिया है। 400 सीटें को जीत कर सरकार बनाने का दावा करने वाली भाजपा को केवल 240 सीटें ही मिली। सरकार की नीतियों में कोई अंतर नहीं दिखाई देता है। उनकी मांगों में मजदूर विरोधी चारों लेबर कोड्स को रद्द करो। भारतीय दंड संहिता जो ड्राइवरों के विरोध में बनाया गया काला कानून है उसको वापस लो। राज्य में न्यूनतम वेतन संशोधित करो। सरकारी विभागों में कार्यरत सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करो, न्यूनतम वेतन 26000 लागू करो। सफाई कर्मचारी और चौकीदारों पर लादी जा रही ऑनलाइन हाजिरी बंद करो। सभी निर्माण मजदूरों का पंजीकरण होना चाहिए। मनरेगा में 200 दिन का काम और 700 की मजदूरी होनी चाहिए। मजदूरों की जियो टैग के बगैर ऑफलाइन हाजिरी बहाल की जाए। इस अवसर पर जिला कोषाध्यक्ष संदीप जाजवान, भवन निर्माण कामगार यूनियन हरियाणा के जिला प्रधान कश्मीर सेलवाल, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान ईश्वर सिंह, मनरेगा श्रमिक यूनियन के जिला संयोजक अशोक कुमार, वन मजदूर यूनियन के नेता बलदेव सिंह, ग्रामीण चौकीदार यूनियन से जयकरण, सुरेश करसोला, राधेश्याम, पवन कुमार, संदीप दालमवाला मौजूद रहे।