जुलाना। मनरेगा मजदूरों और मेठों को हो रही परेशानी के खिलाफ हथवाला व पौली गांव में मनरेगा मजदूरों की बैठकों हुई। इन बैठकों को सीटू के उपप्रधान सुरेश करसोला व सीटू सहसचिव पवन कुमार ने संबोधित किया।
सुरेश करसोला ने कहा कि भाजपा की केंद्र व प्रदेश सरकार मनरेगा पर लगातार हमले कर रही है। मनरेगा के बजट में हर साल लगातार कटौती की जा रही है। इसके अलावा प्रदेश में मनरेगा मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी से कम मजदूरी दी जा रही है। मनरेगा के मजदूरों को पिछले तीन-चार साल से पांच किलोमीटर दूर काम पर जाने पर भी किराया नहीं दिया जा रहा। दुर्घटना में चोट लगने पर कोई इलाज का प्रबंध नहीं किया जा रहा। काम मांगने पर काम नहीं दिया जा रहा। अगर काम मिल भी जाता है तो 15 दिन के मस्ट्रोल में केवल तीन-चार दिन ही काम देकर बंद कर दिया जाता है। पूरा काम करने के बावजूद कम मजदूरी दी जाती है। वह भी समय पर नहीं मिलती है। सालों तक पक्के काम की मजदूरी व मेठों की पेमेंट लटकाना आम बात हो गई है। भाजपा सरकार ने तो डिजिटल इंडिया के नाम पर ऑनलाइन हाजिरी व अब जिओ टैग से हाजिरी लगाना जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। इससे मनरेगा मजदूरों व मेठों में रोष है। महंगाई के चलते गरीब मजदूरों को अपना जीवनयापन करना मुश्किल हो रहा है। आटा, चावल, दाल, तेल, नमक, रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल की कीमत आसमान छू रही है। उन्होंने कहा कि समस्याओं को लेकर 18 जून को जिले में मनरेगा मजदूर और मेठ जिला परिषद के सीईओ कार्यालय पर आक्रोश प्रदर्शन करेंगे।