उचाना। शहर और हाईवे पर जलभराव के स्थायी समाधान को लेकर विधायक देवेंद्र अत्री एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने सुबह 10 बजे पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में जन स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका, एनएचएआई और मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की। विस्तार से बारिश के बाद होने वाले जलभराव को लेकर चर्चा करते हुए अधिकारियों को समाधान के लिए निर्देश दिए।
पानी की निकासी नहीं होने पर विधायक ने एनएचएआई को जल्द से जल्द समस्या के समाधान के निर्देश दिए। मीटिंग में पहुंचे कर्मचारियों ने बताया कि आठ से 12 इंच की पाइप लाइन बिछाई जाएगी, जिससे पानी की निकासी बारिश के साथ-साथ होगी। एक सप्ताह के अंदर इसका कार्य पूरा हो जाएगा। जनस्वास्थ्य विभाग एसडीओ सुनीता नैन ने कहा कि जो अंडरपास के पास सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट है, वहां पर 25 एचपी की मोटर है।
यहां पर दो से तीन दिन के भीतर 40 एचपी की मोटर रख दी जाएगी। बारिश के दौरान पानी की निकासी की स्पीड मोटर 40 एचपी की होने से तेज होगी। रेलवे रोड पर जो सड़कहै, उसका लेवल शहर की दूसरी सड़कों और गलियों से नीचा होने के चलते यहां पर जलभराव की समस्या काफी पुरानी है। यहां भी पानी निकासी के समाधान को लेकर निर्देश विधायक ने दिए।
शहर की पुरानी मंडी में पानी निकासी नहीं होने की वर्षों पुरानी समस्या को दूर करने को लेकर निर्देश देते हुए विधायक अत्री ने कहा कि मंडी में बारिश के पानी की निकासी जल्द से जल्द हो इसको लेकर पुख्ता प्रबंध किए जाए। नगर पालिका भी जो गलियों में गली निर्माण के बाद सीवरेज का कनेक्शन नहीं हुआ है वो करवाए। किसी तरह की परेशानी लोगों को नहीं आने दी जाएगी। उचाना को मॉर्डन शहर बनाया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में अत्री ने कहा कि उचाना हलके के मतदाताओं को सब पता है कि अब से पहले क्या उचाना में होता था। ये जो जलभराव की समस्या है, इसके स्थाई समाधान को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जो यहां से पहले जो विधायक चुने गए वे चंडीगढ़ और दिल्ली बैठे रहते। दिल्ली और चंडीगढ़ बैठ कर समस्याओं का समाधान नहीं होता है, बल्कि लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुन उसका समाधान करने का काम करना चाहिए था। अब उचाना हलके को विकसित उचाना बनाने के लिए कार्य करेंगे।