जींद के भाजपा विधायक डॉ. मिड्ढा के परिवार के सदस्य पर बंदूक दिखाकर किसानों को धमकाने के आरोपों के बीच शुक्रवार को विधायक ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बरगला कर किसानों को व उनके परिवार को बदनाम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों ने पंचायत कर कार्रवाई करवाने की मांग की है। ऐसे में पंचायत को चाहिए कि ऐसे लोगों पर कार्रवाई करें जो यह सब कर रहे हैं। यदि खटकड़ टोल पर होने वाली किसान पंचायत में ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी तो वे अदालत का रुख करेंगे।
गौरतलब है कि वीरवार को किसानों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विरोध करते हुए जींद के भाजपा विधायक के निवास पर भी धरना दिया था। इस दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि विधायक के परिवार के लोगों ने उनको बंदूक दिखाई। इस पर विधायक मिड्ढा ने कहा कि जिस बच्चे की बात कह रहे हैं, पहली बात वह उनके परिवार का सदस्य नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों ने उनके बेटे व भतीजे के खिलाफ शिकायत दी है, जबकि जिस समय किसान यहां आए, यह दोनों ही वहां नहीं थे। इस दौरान उन्होंने अपने बेटे को भी मीडिया के समक्ष पेश किया और बंदूक दिखाने वाले बच्चे से मिलान करवाया। मिड्ढा ने कहा कि छत पर एक छोटा बच्चा पक्षियों को दाना डाल रहा था और बंदरों को भगाने वाली एयर गन उसके पास थी। फोटो में भी यह साफ हो चुका है। उन्होंने कहा कि बेशक वे खुद किसान नहीं हैं, लेकिन किसानों के साथ उनका लगाव है। वे कभी किसानों के खिलाफ नहीं बोले। यहां तक की एसवाईएल के मुद्दे पर वे पंजाब की जेल में भी रहे।
मेरे परिवार का व्यक्ति मिले तो जो सजा दें मंजूर
भाजपा विधायक ने कहा कि इस प्रकरण में वे या उनके परिवार का कोई भी सदस्य संलिप्त पाया जाता है तो उन्हें पंचायत जो सजा देगी वह मंजूर होगी। साथ ही मिड्ढा ने कहा कि तीन मई को होने वाली किसान पंचायत में जिन लोगों ने किसानों की आड़ लेकर मिड्ढा परिवार को बदनाम किया है, उसको भी सजा दी जाए। पंचायत ऐसा नहीं करती है तो ऐसे लोगों के खिलाफ कोर्ट का सहारा लेना पड़ेगा।