15जेएनडी08 : वीटा मिल्क प्लांट गेट पर ताला जड़कर धरने पर बैठे दूध सप्लाई करने वाले किसान। संवाद
जींद। वीटा मिल्क प्लांट के सामने वीरवार को दुग्ध उत्पादक किसानों ने बकाया पेमेंट की मांग को लेकर धरना देने के साथ प्लांट पर ताला जड़ दिया।
दुग्ध उत्पादकों का कहना है कि मिल्क प्लांट के सीईओ ने 1 से 10 फरवरी तक पेमेंट की अदायगी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन 15 फरवरी होने के बाद भी नहीं की है। उन्होंने कहा कि इस बार वह अपने साथ गैस सिलिंडर, चूल्हा तथा बर्तन लेकर आए हैं। वीटा मिल्क प्लांट पर दुग्ध उत्पादकों के 82 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है। पेमेंट के भुगतान के लिए 1 फरवरी को दुग्ध उत्पादकों ने प्लांट के सामने धरना दिया था। तब उनको आश्वासन दिया गया था कि 10 फरवरी तक अदायगी कर दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस पर दुग्ध उत्पादक एक बार फिर से प्लांट पर पहुंचे और ताला जड़कर धरना शुरू कर दिया। वीटा प्लांट प्रतिदिन ढाई लाख लीटर दूध उपभोक्ताओं से खरीदा है।
आंगनबाड़ी केंद्र और मिड-डे मील बनी बाधा
वीटा प्लांट की ओर से दुग्ध उत्पादकों को पेमेंट करने में आंगनबाड़ी और मिड-डे मील की ओर से खरीदे गए दूध की अदायगी नहीं करने की वजह से दिक्कत आ रही है। इन दोनों में हर माह करोड़ों रुपये का दूध व अन्य सामान भेजा जाता है, लेकिन इनकी पेमेंट लंबे समय बाद भी प्लांट को नहीं मिली है। इसकी वजह से प्लांट का बजट बिगड़ गया है। वीटा प्लांट को सरकारी विभागों से 134 करोड़ रुपये लेने हैं। प्लांट के सीईओ नरेंद्र धानिया ने बताया कि दुग्ध उत्पादकों की पेमेंट करने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। विभागों से पेमेंट लेनी है। पैसे मिलते ही उनके खाते में पैसा डाल दिया जाएगा।
15जेएनडी08 : वीटा मिल्क प्लांट गेट पर ताला जड़कर धरने पर बैठे दूध सप्लाई करने वाले किसान। संवाद