मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन हरियाणा की राज्य कमेटी के आह्वान पर कर्मचारियों ने मांगों को लेकर लघु सचिवालय से बस स्टैंड तक जिला प्रधान संतोष की अध्यक्षता में प्रदर्शन किया।
सीटू के राज्य उपाध्यक्ष कामरेड रमेश चंद्र ने कहा कि पूरे देश में लगभग एक करोड़ मिड-डे मील वर्कर्स काम करती हैं। सरकार एक तरफ तो महिला सशक्तीकरण की बात करती है, दूसरी तरफ मिड-डे मील में काम कर रही महिलाओं की मांगों एवं समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रदेश की मिड-डे मील वर्कर्स 3500 रुपये के मासिक मानदेय पर काम करने पर मजबूर हैं। यह वेतन भी कर्मचारियों को केवल दस महीने ही दिया जाता है। मिड-डे मील वर्कर्स लंबे समय से वेतन बढ़ोतरी, स्वास्थ्य लाभ, मातृत्व लाभ देने की मांग कर रही हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया। इस अवसर पर कमलेश, रेखा, कैलाश, पूनम, दमयंती, कृष्णा, सविता भी मौजूद रहे।