जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध की टीम ने अलग-अलग स्थानों से तीन नाबालिग बच्चों की शादी रुकवाया है। जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंद्र कौर को पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि गांव गोविंदपुरा में एक नाबालिग लड़की की शादी करवाई जा रही है और बारात भी महम से आ चुकी है। सूचना मिलते ही सहायक बाल विवाह निषेध अधिकारी रवि लोहान सदर थाना पुलिस के साथ विवाह स्थल पर पहुंचे और दूल्हा व दुल्हन के परिवार वालों से दोनों के जन्म प्रमाण पत्र मांगे तो पहले तो दोनों परिवारों ने कोई भी सबूत देने में आनाकानी की, लेकिन जब सख्ती की तो लगभग दो घंटे के बाद स्कूल सर्टिफिकेट दिखाए उनमें दुल्हन नाबालिग पाई गई और वह बाहरवीं कक्षा की छात्रा मिली जबकि दूल्हा बालिग पाया गया। इस पर दोनों पक्षों ने शपथ पत्र दिए कि वह अपने बच्चों की शादी उनके बालिग होने पर ही करेंगे और महम से पहुंची बारात को वापस लौटा दिया।
इसी बीच दूसरी सूचना मिली कि घिमाना गांव में दो नाबालिग लड़कियों की शादी करवाई जा रही है व दोनों की बारात भी आ चुकी हैं। फेरों की तैयारी जारी हैं। इस पर कार्यवाई करते हुए सदर जींद पुलिस के साथ टीम मौके पर गांव में पहुंची और परिवार के लोगों से दोनों के जन्म पत्र मांगे गए तो तीन लड़कियों की शादी पाई गई व बड़ी लड़की का जन्म प्रमाण पत्र सही पाया गया परंतु छोटी दोनों लड़कियों का जन्म पत्र दिखाने में पहले तो आना कानी की और लगभग चार घंटे के बाद प्रमाण पत्र दिखाए उनमें लड़कियां नाबालिग पाई गई। इस पर कार्यवाई करते हुए टीम ने छोटी लड़कियों का विवाह रोकने को कहा और तब तक शादी न करने को कहा जब तक छोटी लड़कियां बालिग नहीं हो जाती। इस पर दोनों परिवार सहमत हो गए और शपथ पत्र देकर कहा कि लड़कियों के बालिग होने पर ही उसकी शादी की जाएगी और बारात को बैरंग लौटा दिया।