जींद। भीष्ण गर्मी के कारण आमजन परेशान हो चुका है। गर्म हवा झुलसा रही है और गर्मी से सब बेहाल है। रविवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया। हवा की गति 13 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि मौसम में आद्रता 26 प्रतिशत बनी रही।
दोपहर को सड़कें खाली रही तो बाजार में भी विरानगी छाई रही। मौसम विभाग के अनुसार आगामी चार दिनों तक मौसम में बदलाव रहेगा।
पिछले तीन दिनों से अधिकतम और न्यूनतम तापमान स्थिर बना हुआ है। वहीं, दिन के समय चल रही गरम हवा ने आमजन का जीना मुहाल कर रखा है। दोपहर के समय सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को होती है, जो वाहन चलाते हुए सीधी धूप और तेज हवा के संपर्क में आते हैं। दिन निकलने के साथ ही सूर्य देवता आग उगलना शुरू कर देते हैं।
कुछ दिन से बढ़ रहे तापमान के चलते गर्मी बढ़ रही है। गर्मी का बाजारों पर असर दिखाई दे रहा है। सुबह एवं शाम को ही बाजारों में दुकानों पर ग्राहक नजर आते है। दोपहर को तो बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है। फसलों पर भी बढ़ रहे तापमान का असर दिखाई दे रहा है। कपास, सब्जियों की फसलें झुलसने लगी है। कपास की फसल पर गर्मी की ज्यादा मार नजर आ रही है। दिन में तो घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो रहा है।
जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया गया है कि दोपहर को घर से जरूरी काम हो तो निकलें। मौसम विशेषज्ञ डॉ. राजेश ने कहा कि 22 मई तक मौसम परिवर्तनशील, खुष्क व गरम रहेगा। इस दौरान तापमान में वृद्धि होगी। किसानों को चाहिए कि वह दिन के समय फसलों में पानी बिल्कुल न दें।
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उमस भरी गर्मी और तपिश बनी परेशानी
उमस भरी गर्मी और तपिश परेशानी बनी हुई है। दोपहर तक गर्मी लोगों की हालत खस्ता कर देती है। इसके चलते सड़कों पर वाहन कम हो जाते हैं और बाजार भी सुनसान नजर आते हैं। गर्म हवा चलने के कारण लोगों को गर्मी ज्यादा महसूस होती है और पसीने सूखने का नाम नही लेते। गर्म हवा की चपेट में आने से छोटे बच्चे व वृद्ध बीमार पड़ रहे हैं।
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गर्मी के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। गर्मी के शिकार अधिकतर वृद्ध तथा छोटे बच्चे होते हैं। इसलिए परिजनों को इनका विशेष ख्याल रखना चाहिए। गर्मी से बचने के लिए लोगों को भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए। छोटे बच्चों को उल्टी या दस्त लगने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद।