19जेनडी14-नागरिक अस्पताल में दवाइयां लेने के लिए लाइन में खड़े मरीज। संवाद
जींद। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में अब मरीजों को दवा लेने के लिए चिकित्सक की ओर से लिखी गई दवा पर्ची दिखाना अनिवार्य होगा। सीएमओ ने दवा वितरण खिड़की पर तैनात फार्मासिस्ट को निर्देश जारी किए हैं कि बिना वैध पर्ची के किसी को दवा न दी जाए। इस निर्णय का उद्देश्य अस्पताल में दवाओं की कमी को रोकना है जो पहले बिना पर्ची के दवा वितरण के कारण उत्पन्न हो रही थी।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1400 से 1600 तक की ओपीडी होती है। अस्पताल की नई बिल्डिंग में सुबह आठ बजे अस्पताल खुलने के साथ ही दवा वितरण का कार्य शुरू हो जाता है। पिछले दिनों दवा में कमी के चलते लोगों को परेशानी हो रही थी।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार पहले की व्यवस्था में कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के दवा मांगते थे, जिससे आवश्यक दवाओं का स्टॉक तेजी से कम हो जाता था। इससे वास्तविक मरीजों को दवा न मिल पाने की समस्या हो रही थी और उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
सीएमओ ने दवा पर्ची को अनिवार्य किया और फार्मासिस्ट को दवा पर्ची पर लिखी गई दवा ही दवा देने के निर्देश दिए। फार्मासिस्ट को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर मरीज से पर्ची की जांच करें और केवल निर्धारित दवाएं ही प्रदान करें। यह बदलाव मरीजों की सुरक्षा और दवाओं की उपलब्धता दोनों के लिए जरूरी है। अब कोई भी बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा नहीं ले सकेगा।
जरूरतमंद को दवा की उपलब्धता को लेकर लिया निर्णय : पीएमओ
प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुवीर पूनिया ने बताया कि दवा खिड़की पर चिकित्सक की पर्ची दिखाने पर ही दवा दी जा रही है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है कि जरूरतमंद को दवा की उपलब्धता हो और दवाओं का दुरुपयोग नहीं हो। समय-समय पर दवा का स्टॉक की जांच की जा रही है।