जींद। गर्मी के मौसम में आपातकालीन स्थिति को देखते हुए रोडवेज बसों में रखी फर्स्ट एड बॉक्स किट में दवाइयां रखवा दी गई है। इससे यात्रियों को जरूरत पड़ने पर सिर दर्द, उल्टी और जुकाम की दवाइयां बस में ही उपलब्ध हो पाएंगी।
पिछले लंबे समय से बसों में दवाइयां नहीं थी। इसको लेकर मार्च माह में रोडवेज महाप्रबंधक राहुल जैन ने बस स्टैंड परिसर में खड़ी बसों का निरीक्षण भी किया था। यात्री भी बसों में फर्स्ट एड बॉक्स किट में दवाइयां रखने की मांग करते आ रहे थे।
जींद डिपो की 169 बसों में रोजाना 15 से 16 हजार यात्री सफर करते हैं। इससे डिपो को प्रति दिन 10 से 12 लाख रुपये का राजस्व मिलता है। बस में सफर करने के दौरान कई बार यात्री की तबीयत खराब हो जाती है।
ऐसे में उनको बस में प्राथमिक उपचार देने के लिए फर्स्ट एड बॉक्स का होना जरूरी है, ताकि समय पर इस तरह के यात्रियों को दवा दी जा सके। बस में सफर के दौरान फर्स्ट एड किट में डेटॉल, रूई, पट्टी समेत अन्य कई तरह की दवाइयां रखी जाती हैं। किट में आपात स्थिति में उपयोग आने वाली दवाइयां रखनी जरूरी हैं।
सिर व पेट दर्द, उल्टी की दवाइयां, चोट लगने की स्थिति में प्राथमिक उपचार के लिए बैंडेड, डेटॉल, रुई, पट्टी, आयोडेक्स समेत अन्य दवाइयां होनी चाहिए। किट रखने के लिए बस में चालक के पीछे वाले हिस्से में एक बॉक्स लगा हुआ रहता है। उस पर फर्स्ट एड बॉक्स लिखा होता है, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्री परिचालक या ड्राइवर की मदद से इसमें रखी दवाइयां का इस्तेमाल कर सके ।
बॉक्स
रोडवेज डिपो की बसों में फर्स्ट एड बॉक्स किट में दवाइयां उपलब्ध करवा दी गई है। आपातकालीन स्थिति में यात्री परिचालक की मदद से दवाइयां ले सकेंगे। रोडवेज का प्रयास है कि यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा दी जा सके।
-राहुल जैन, रोडवेज महाप्रबंधक जींद डिपो।