जींद। प्रदेश का पहला सुषमा स्वराज पुरस्कार लेकरशाम को घर पहुंची मंजू ढिगाना को बधाई देने के लिए उने घर लोगों का तांता लगा रहा। मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कार पाकर मंजू और उनका परिवार बेहद खुश है। मोहल्ले के लोग भी खुशी मना रहे हैं। मंजू को महिलाओं के लिए एक प्रेरणा के रुप में देखा जा रही हैं। मंजू ने कहा कि पहली बार इतना बड़ा पुरस्कार पाकर वह अब और ज्यादा हौंसले और उत्साह के साथ समाजसेवा के कार्य करेंगी।
बताते चलें कि शुक्रवार को करनाल में मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने मंजू ढिगाना को सुषमा स्वराज पुरस्कार से सम्मानित किया। इसमें उन्हें पांच लाख रुपये का चेक, एक शॉल तथा एक प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया। शाम को अपने घर लौटी मंजू ढिगाना ने कहा कि यह पुरस्कार पाकर वह अब और अधिक हौंसले व उत्साह के साथ समाज में महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य करेंगी। उनके पति राष्ट्रीय युवा अवार्डी सुभाष ढिगाना ने हमेशा उनका साथ दिया है। वह चाहती हैं कि सभी पुरुषों को अपनी पत्नियों, बेटियों का इसी प्रकार का साथ देना चाहिए। वह जिस भी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं, उसमें उनका सहयोग करें। मंजू ढिगाना सर्व कल्याण मंत्र की महिला प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। डीसी डॉ. मनोज कुमार ने मंजू ढिगाना की इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने कहा कि मंजू ढिगाना को सुषमा स्वराज पुरस्कार मिलना जिला के साथ-साथ पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है क्योंकि सुषमा स्वराज अवार्ड जो कि राज्य सरकार द्वारा प्रथम बार शुरू किया गया है और पहली बार ही जींद जिला की मंजू ढिगाना को मिला है। भाजपा के जिला प्रधान राजू मोर, जिला परिषद चेयरपर्सन मनीषा रंधावा, खंड शिक्षा अधिकारी शिव नारायण शर्मा, साहित्यकार रामफल खटकड़, नवीन कौशिक ने बधाई दी हैं। मंजू ढिगाना इससे पहले वर्ष 2012-13 के लिए राष्ट्रीय युवा पुरस्कार ले चुकी हैं। उन्होंने कोविड काल मे हजारों लोगों को खुद तैयार करके मास्क बांटे। महिला कल्याण के अनेकों कार्यक्रमों के अलावा वह अब तक 60 से अधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन करा चुकी हैं और 400 से अधिक महिलाओं को स्वावलंबी बना चुकी है। रक्तदान के क्षेत्र में उनके पति भी वर्ष 2010-11 के लिए राष्ट्रीय युवा पुरस्कार ले चुके हैं।