17जेएनडी10: रेलवे रोड पर बिछाया गया रोडा और उस पर डाली गई मिट्टी। संवाद
सफीदों। सफीदों का रेलवे रोड लंबे समय से टूटा पड़ा है, लेकिन शासन-प्रशासन और नगरपालिका का इस ओर ध्यान नहीं है। इस रोड पर रहने वाले वाले और दुकानदार परेशान हैं। पहले से खराब सड़क के गड्ढों में गुरुपर्व के मद्देनजर रोडे व मिट्टी से भरकर इसे और ज्यादा बहहाल बना दिया गया है।
अब पूरे रेलवे रोड पर छोटे वाहन निकलने पर भी धूल के गुबार उठते हैं। एक तरफ तो प्रदूषण का स्तर निरंतर बढ़ रहा है और दूसरी तरफ निर्माण पर पाबंदियों के बाद भी सरकार इस पर मिट्टी डलवाकर इसे और बढ़ाने का काम कर रही है। इस रोड पर उठती धूल किराना और हलवाई की दुकानों में खाने पीने के सामान में मिलकर लोगों को बीमार कर रही है। इसके अलावा अन्य दुकानदारों का सामान भी धूल के कारण खराब हो रहा है। दुकानदार अपना सामान बचाने के लिए दिनभर पानी का छिड़काव करते रहते हैं। हालात ये हो गए हैं कि अब दुकानदारों को सांस तक लेना दूभर हो गया है। उनकी आंखों में जलन होने के साथ गले खराब हो रहे हैं।
दुकानदार सत्येंद्र शर्मा, सोनू, मोहनलाल व कृष्ण लाल ने बताया कि इस रोड के टूटे होने की समस्या बहुत पुरानी है। सरकारें और जनप्रतिनिधि आए और चले गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। यह रोड नगर का प्रमुख मार्ग है। पुरानी अनाज मंडी, रेलवे स्टेशन, गैस एजेंसी रोड जाने के लिए रेलवे रोड का इस्तेमाल होता है। रेलवे रोड के दोनों तरफ एक बड़ा बाजार है। दूर-दूर से लोग यहां पर खरीदारी करने के लिए आते हैं। इसके बावजूद भी इस रोड की यह बदतर हालत चिंतनीय विषय है। नगरपालिका के वर्तमान कार्यकाल की बात करें तो तीन साल तो बीत चुके हैं और बाकी के दो साल भी इसी प्रकार से बीत जाएंगे। दुकानदारों ने बताया कि रेलवे रोड पर ही लोक निर्माण विभाग का विश्राम गृह है। रेस्ट हाउस में बड़े-बड़े वीआईपी आते हैं, लेकिन वे भी आंखें बंद करके चले जाते हैं।
नहर पुल से रेलवे रोड तथा रेलवे रोड से पंजाबी श्मशान भूमि तक रोड बनाने के लिए करीब दो करोड़ रुपये का टेंडर हो गया है। अभी पंजाबी श्मशान भूमि की तरफ से नाला बनाने व रोड बनाने का कार्य शुरू हो चुका है। उम्मीद है कि फरवरी तक रेलवे रोड का निर्माण शुरू हो जाएगा। -अखिल गुप्ता, उपाध्यक्ष, नगर पालिका सफीदों।
17जेएनडी10: रेलवे रोड पर बिछाया गया रोडा और उस पर डाली गई मिट्टी। संवाद