लोक अदालत में केसों का निपटारा करते न्यायाधीश।
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न्यायिक परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में समाधान के लिए 1390 मामले रखे गए। इनमें से 146 मामलों का आपसी सहमति से समाधान करवा दिया जबकि बाकी मामलों पर सहमति नहीं बनने के कारण पेंडिंग रह गए। अदालत में पैसे के लेनदेन से संबंधित 78 मामलों में दो करोड़ 66 लाख 39 हजार 161 रुपये की आपसी समझौते से रिकवरी हुई। लोक अदालत में दो कोर्ट लगाई गई थी। एक में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह तथा दूसरी पर जूनियर डिवीजन कम जेएमआईसी सरिता सोलंकी मौजूद रही। दिनभर दोनों अदालतों में मामलों की सुनवाई हुई।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी खत्री सौरभ ने बताया कि लोक अदालत में प्रीलिटिगेटिव बैंक रिकवरी से संबंधित 1225 मामले रखे गए। इनमें से 78 मामलों का समाधान किया गया। इन मामलों से एक करोड़ 83 लाख 36 हजार 561 रुपये की राशि पर सहमति बनी। वाहन दुर्घटना अधिनियम के 103 केसों में से 19 केसों का समाधान हुआ। इनमें 82 लाख 85 हजार रुपये की रिकवरी हुई। एनआई एक्ट चेक बाउंस के पांच केस समाधान के लिए रखे गए। इनमें दो का समाधान हुआ। दीवानी मामलों के 2 केस समाधान के लिए रखे गए, जिनमें से एक का समाधान हुआ। इसके अलावा 55 अन्य किस्म के केस समाधान के लिए रखे गए थे, जिनमें से 46 केसों का समाधान करवाया गया। इससे समझौता राशि के रुप में 17 हजार 600 रुपये की राशि रिकवर हुई। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों में लोगों को सस्ता व शीघ्र न्याय मिलता है। लोक अदालत में लिए गए फैसले में न किसी की जीत होती और न हार। दोनों पक्षों की सहमति से फैसला होता है। लोक अदालतों से आपसी भाईचारे की भावना को भी बढ़ावा मिलता है।