बंद पड़ा बड़ौदा गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र।
- फोटो : Jind
जिला में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसे लेकर दो स्वास्थ्य केंद्रों की जांच की जा चुकी है। शुक्रवार को डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अजय चालिया और डॉ. प्रभु दयाल को अलग-अलग जगहों पर जांच के लिए भेजा। इस दौरान कई जगह गंभीर अनियमितताएं मिलीं, जबकि कई जगह सेवाएं सुचारू थीं। सबसे दयनीय स्थिति बड़ौदा गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र की मिली। डॉ. आजय चालिया की टीम ने जांच में पाया कि सुबह 10 बजे तक उप स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका हुआ था। सीएचसी खरकरामजी में तीन चिकित्सक, एक स्टाफ नर्स और एक क्लर्क गैरहाजिर था। अब इनको नोटिस भेज कर जवाब मांगा जाएगा।
सिविल सर्जन के अनुसार शुक्रवार को डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. प्रभूदयाल की टीम ने खरकमराजी सीएचसी का निरीक्षण किया। यहां तीन चिकित्सक, एक स्टाफ नर्स व एक क्लर्क गैरहाजिर मिले। इसके अलावा इसी टीम ने उप स्वास्थ्य केंद्र पडाना, बराह कलां व पिंडारा का भी निरीक्षण किया। यहां पर सब ठीकठाक पाया गया। दूसरी ओर डॉ. अजय चालिया की टीम ने खटकड़ गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र की जांच की। सुबह नौ बज उप स्वास्थ्य केंद्र खुलने का समय होता है, लेकिन 9:55 बजे तक यहां ताला लटक रहा। टीम सुबह दस बजे तक यहां रुकी, लेकिन कोई स्टाफ नहीं आया। यहां पर बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मी महिला व पुरुष दोनों ही गैरहाजिर मिले। इसके बाद टीम ने कसुहन गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र की जांच की। यहां एक एएनएम अनुपस्थित मिली। टीम ने पीएचसी छात्तर का भी निरीक्षण किया। यहां सब कुछ सही मिला।
जारी रहेगा अभियान
विभाग की कार्यप्रणाली सुधारने के लिए यह अभियान जारी रहेगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर कर्मचारी समय पर कार्यालय आएं। लोगों को जहां भी दिक्कत लगे, वे सीधे सूचित कर सकते हैं। गैरहाजिर मिले स्टाफ को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। उनका एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
डॉ. जयभगवान जाटान, सिविल सर्जन