जींद। जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर प्रतियोगिता और जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनने, सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने और जरूरतमंदों को सहयोग देने का संदेश दिया। कार्यक्रम का विषय जीवन के अनुभवों को सुनना, वास्तविक आवाजें, वास्तविक बदलाव रहा।
इस दौरान प्रोफेसर डॉ. रामपाल सैनी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के अनुभव, भावनाएं और परिस्थितियां अलग-अलग होती हैं। ऐसे में दूसरों की बात धैर्यपूर्वक सुनना, उनकी भावनाओं का सम्मान करना और उनकी परिस्थितियों को समझने का प्रयास करना जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सकारात्मक संवाद, आपसी सहयोग और संवेदनशील दृष्टिकोण को अपनाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसा वातावरण बनाने में योगदान देने का आह्वान किया, जहां हर व्यक्ति बिना झिझक अपनी बात साझा कर सके। कार्यक्रम के तहत कोलाज निर्माण, पोस्टर निर्माण, कहानी लेखन एवं कथावाचन, कविता पाठ और रंगोली प्रतियोगिताएं करवाई गईं। विद्यार्थियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन, सामाजिक सहयोग और व्यक्तिगत अनुभवों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. राजबीर हुड्डा ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व पर विचार साझा किए। विभागाध्यक्ष डॉ. जसवीर सुरा के नेतृत्व और विभाग प्रभारी डॉ. अलका सेठ के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता केवल जानकारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे व्यवहार, संवाद और सामाजिक सहयोग का हिस्सा बनाना जरूरी है।