सीआईए प्रभारी वीरेंद्र सिंह खर्ब ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि जींद में 2008 में हुई राजू नामक युवक की हत्या, जिसमें अदालत ने जींद के ही सूर्यवीर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह भौंडसी जेल से 2014 में चार सप्ताह की पैरोल पर आया था और वापस नहीं गया। इस समय वह पटियाला जेल में किसी मामले में बंद है।
सूर्यवीर ने अपनी पहचान भी छिपा रखी है। सूचना मिलते ही सीआईए टीम ने पटियाला जेल में पहुंचकर सूर्यवीर को प्रोडक्शन वारंट पर लिया। पुलिस पूछताछ में सूर्यवीर ने बताया कि राजू की हत्या के मामले में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। वह जींद जेल में बंद था। इसके बाद उसने जींद जेल में अपनी जान का खतरा बताकर करनाल बदलवा ली थी।
मार्च 2011 में वह करनाल जेल से चार सप्ताह की पैरोल पर आया था। यहां भी वह वापस नहीं गया। इसके बाद सितंबर 2011 में फिर जींद सीआईए ने उसे काबू कर लिया और जेल भेज दिया। 2012 में सूर्यवीर सिंह ने फिर अपनी जान का खतरा बताकर करनाल जेल से भौंडसी जेल बदलवा ली।
यहां से सूर्यवीर 2014 में चार सप्ताह की पैरोल लेकर गायब हो गया। 28 मार्च 2019 को पंजाब पुलिस की मोहाली में बदमाशों के साथ मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में सूर्यवीर सिंह पकड़ा गया। पुलिस को उसने अपना नाम सुखदीप उर्फ दीप निवासी पटियाला बताया। इसके बाद से वह पटियाला जेल में ही बंद था।
सूर्यवीर पर दिल्ली, पंजाब व हरियाणा में 11 मामले दर्ज
सीआईए प्रभारी वीरेंद्र सिंह खर्ब ने बताया कि सूर्यवीर पर दिल्ली, पंजाब व हरियाणा में हत्या, हत्या का प्रयास, फिरौती, डकैती व आर्म्स एक्ट के विभिन्न थानों में 11 मामले दर्ज हैं। जींद में पुरानी बीएसएनएल एक्सचेंज के सामने एक गन हाउस के सामने भी सूर्यवीर ने गोली चलाई थी। सफीदों में डकैती के मामले में भी सूर्यवीर वांछित है।
एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया
सीआईए प्रभारी वीरेंद्र सिंह खर्ब ने बताया कि 2014 में सूर्यवीर सिंह पैरोल पर आया था। इसके बाद वह जेल में वापस नहीं गया। अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। 28 मार्च 2019 को मोहाली में उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। 2014 से मार्च 2019 तक सूर्यवीर कहां रहा और उसने किन-किन वारदातों को अंजाम दिया, पुलिस अब इसकी जानकारी हासिल करेगी। इसलिए उसे अदालत से एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।