फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा का आजीवन सजायाफ्ता मुजरिम नाम बदलकर रह रहा था पटियाला जेल में, यूं खुला राज

Thu, 29 Aug 2019 01:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जींद (हरियाणा)
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

झांझ गेट पर 2008 में हुई राजू नामक युवक की हत्या के दोषी आजीवन सजायाफ्ता मुजरिम सूर्यवीर को सीआईए टीम ने पटियाला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाई है। पंजाब के मोहाली में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में पकड़ा गया सूर्यवीर नाम और पता बदल पटियाला की जेल में बंद था।

विज्ञापन


सूर्यवीर को राजू की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा हुई थी। इसके बाद उसने अपनी जेल करनाल बदलवा ली। वहां से 2011 में पैरोल पर आने के बाद वापस नहीं गया। सितंबर 2011 में जींद पुलिस ने उसे फिर काबू कर लिया। इसके बाद जींद जेल से उसने अपनी जेल भौंडसी बदलवा ली।

2014 में भौंडसी जेल से चार सप्ताह की पैरोल पर आया और वापस नहीं गया। 28 मार्च 2019 को मोहाली पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में सूर्यवीर पकड़ा गया। उसने पंजाब पुलिस को अपना नाम सुखदीप उर्फ दीप निवासी पटियाला बताया। इसके बाद से वह पटियाला जेल में ही बंद था।
विज्ञापन


जींद सीआईए ने सूर्यवीर के बारे में जानकारी हासिल करके उसे पटियाला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लिया है। पुलिस ने उसे बुधवार को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि उसने 2014 के बाद किन-किन वारदातों को अंजाम दिया।

सीआईए प्रभारी वीरेंद्र सिंह खर्ब ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि जींद में 2008 में हुई राजू नामक युवक की हत्या, जिसमें अदालत ने जींद के ही सूर्यवीर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह भौंडसी जेल से 2014 में चार सप्ताह की पैरोल पर आया था और वापस नहीं गया। इस समय वह पटियाला जेल में किसी मामले में बंद है।

सूर्यवीर ने अपनी पहचान भी छिपा रखी है। सूचना मिलते ही सीआईए टीम ने पटियाला जेल में पहुंचकर सूर्यवीर को प्रोडक्शन वारंट पर लिया। पुलिस पूछताछ में सूर्यवीर ने बताया कि राजू की हत्या के मामले में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। वह जींद जेल में बंद था। इसके बाद उसने जींद जेल में अपनी जान का खतरा बताकर करनाल बदलवा ली थी।

मार्च 2011 में वह करनाल जेल से चार सप्ताह की पैरोल पर आया था। यहां भी वह वापस नहीं गया। इसके बाद सितंबर 2011 में फिर जींद सीआईए ने उसे काबू कर लिया और जेल भेज दिया। 2012 में सूर्यवीर सिंह ने फिर अपनी जान का खतरा बताकर करनाल जेल से भौंडसी जेल बदलवा ली।
विज्ञापन

यहां से सूर्यवीर 2014 में चार सप्ताह की पैरोल लेकर गायब हो गया। 28 मार्च 2019 को पंजाब पुलिस की मोहाली में बदमाशों के साथ मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में सूर्यवीर सिंह पकड़ा गया। पुलिस को उसने अपना नाम सुखदीप उर्फ दीप निवासी पटियाला बताया। इसके बाद से वह पटियाला जेल में ही बंद था।

सूर्यवीर पर दिल्ली, पंजाब व हरियाणा में 11 मामले दर्ज
सीआईए प्रभारी वीरेंद्र सिंह खर्ब ने बताया कि सूर्यवीर पर दिल्ली, पंजाब व हरियाणा में हत्या, हत्या का प्रयास, फिरौती, डकैती व आर्म्स एक्ट के विभिन्न थानों में 11 मामले दर्ज हैं। जींद में पुरानी बीएसएनएल एक्सचेंज के सामने एक गन हाउस के सामने भी सूर्यवीर ने गोली चलाई थी। सफीदों में डकैती के मामले में भी सूर्यवीर वांछित है।

एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया
सीआईए प्रभारी वीरेंद्र सिंह खर्ब ने बताया कि 2014 में सूर्यवीर सिंह पैरोल पर आया था। इसके बाद वह जेल में वापस नहीं गया। अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। 28 मार्च 2019 को मोहाली में उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। 2014 से मार्च 2019 तक सूर्यवीर कहां रहा और उसने किन-किन वारदातों को अंजाम दिया, पुलिस अब इसकी जानकारी हासिल करेगी। इसलिए उसे अदालत से एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें