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Jind News: चूल्हा, चौका छोड़कर यूरिया लेने पहुंचीं महिलाएं

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उचाना। यूरिया की कमी से किसान परेशान हैं। प्राइवेट खाद-बीज की दुकानों पर यूरिया आने की सूचना पर सोमवार को किसान पहुंचे। खाद लेने के लिए लंबी लाइन लगी रही। चूल्हा-चौका और घर पर बच्चों को छोड़ कर महिलाएं भी खाद के लिए कतार में लगी थीं।
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कोहरा और ठंड होने के बावजूद भी सुबह पांच बजे ही किसान मंडी पहुंच गए थे। 40 फूटा रोड, पुरानी अनाज मंडी, रजबाहा रोड पर किसान लंबी-लंबी कतार लगी थी। महिलाएं भी घर के काम-काज छोड़ कर खाद लेने के लिए लाइन में लगी नजर आई। किसानों ने कहा कि अगर इस समय गेहूं में खाद नहीं डाला गया तो फसल का उत्पादन प्रभावित हो जाएगा। बिना खाद के अभी से पीली फसल पड़ने लगी है। कई दिनों से खाद आने का इंतजार किसान कर रहे थे। लाइन में लगी महिला संतोष, रानी, बिमला, चंद्रो ने कहा कि हर बार खाद को लेकर परेशानी होती है। पहले डीएपी तो अब यूरिया को लेकर ज्यादा परेशानी है। हमारी वीडियो बनाकर पीएम नरेंद्र मोदी तक तक पहुंचा तो ताकि इस समस्या का समाधान हो सकें। सुबह घर के काम-काज छोड़ कर मंडी परिवार के सदस्यों के साथ खाद लेने के लिए आई हुई हैं।
खाद के बैग लेने के लिए लाइन में लगने के साथ इंतजार करना पड़ा। सरकार को चाहिए कि फसल से पहले खाद पर्याप्त मात्रा में भेजे ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सकें। किसान राजकुमार, धर्मबीर, सतबीर, सुरेश ने कहा कि हर बार खाद को लेकर परेशानी होती है। यूरिया, डीएपी खाद किसानों को डिमांड के अनुसार मिले इसको लेकर कोई स्थायी समाधान सरकार को करना चाहिए। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का हलका, हिसार लोकसभा से सांसद बृजेंद्र सिंह का पैतृक गृह क्षेत्र होने के बावजूद भी किसान खाद को लेकर परेशान हैं। सर्दी के मौसम में सुबह ही मंडी किसान पहुंचने को मजबूर हैं। प्रशासन कहता है कि खाद की कमी नहीं है तो ये लंबी कतार क्यों लग रही है। हजारों बैग खाद के आते है इसके बाद भी लाइनों में लगने पर लोग मजबूर है।
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बॉक्स
एक किसान को आधार कार्ड पर पांच से लेकर 10 बैग तक दिए गए है। उचाना में तीन अलग-अलग दुकानों पर 11 हजार 600 बैग आए हैं।-वीरेंद्र बूरा, एसडीओ कृषि विभाग।
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