जींद/ जुलाना। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की डॉ. बीआर आंबेडकर पर की गई टिप्पणी के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल वीरवार को डीसी मोहम्मद इमरान रजा से मिला। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर केंद्रीय गृहमंत्री के पद से हटाने की मांग की।
अधिवक्ता देशराज सरोहा ने कहा कि बुधवार को गृहमंत्री अमित शाह ने बाबा साहेब का संसद में अपमान किया। इससे देशवासियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। यदि राष्ट्रपति ने गृहमंत्री अमित शाह को पद से नहीं हटाया तो देशवासी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।
इस अवसर पर पंकज मुंडे, नरेंद्र सिंहमार, रविंद्र भुरानिया, बलवान नेहरा, विकास लोहान, रमेश वाल्मीकि, अरविंद लाठर, विजेंद्र सिंह, सतीश नरवाल, नूरद्दीन लोहचब, सोनू बडगुज्जर, अरविंद नरवाल, रवि सरोहा, दीपक मेहरा, विक्रम राणा, विशाल मंडल, विनोद टिंडल, राकेश भुक्कल, राहुल भुक्कल, रजत श्योराण, अमनदीप बेलरखा और जसमेर भोरिया मौजूद रहे।
जुलाना में डाॅ. भीमराव आंबेडकर के बारे में केंद्रीय गृहमंत्री के दिए गए बयान को लेकर कस्बे के विभिन्न संगठनों ने वीरवार को प्रदर्शन कर रोष जताया।
प्रदर्शन में भवन निर्माण कामगार यूनियन, मनरेगा श्रमिक यूनियन, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन एवं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। मजदूर नेता सुरेश करसोला, सूरजभान खरेंटी व भवन निर्माण कामगार यूनियन के प्रधान सुभाष पांचाल ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की टिप्पणी से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
डॉ. भीमराव आंबेडकर जिस संविधान के निर्माता हैं उसके बारे में बात करते हुए अमित शाह ने ये टिप्पणी की। अमित शाह, भाजपा व आरएसएस संविधान और सांविधानिक अधिकारों पर लगातार हमले कर रहे हैं। भाजपा व आरएसएस ने कभी भी संविधान व राष्ट्रीय ध्वज को स्वीकार नहीं किया। अमित शाह को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। इस अवसर पर गुलाब ,दीनदयाल, आनंद, कश्मीर, कुलदीप, धर्मवीर, सुल्तान जांगड़ा, चांद मौजूद रहे। संवाद
19जेएनडी21-गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते अधिवक्ता। संवाद- फोटो : अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान बुलडोजर के सामने बैठीं महिलाएं व बच्चे।