जींद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुलाना की टीम ने पोली में डेंगू की रोकथाम के लिए 761 घरों में लार्वा की जांच की। बुखार से पीड़ित आठ लोगों के रक्त के नमूने लिए।
सुपरवाइजर रमेश काजल के नेतृत्व में स्वास्थ्यकर्मियों ने घरों में पानी की टंकियों, हौदियों, फ्रिज की वेस्ट ट्रे और छतों पर पड़े कबाड़ की जांच कर लोगों को डेंगू से बचाव के उपाय बताए। स्वास्थ्यकर्मी मनोज और अनिल ने बताया कि बीमारी में तेज बुखार, शरीर और मांसपेशियों में दर्द होता है। प्लेटलेट्स कम होने पर रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है, जिससे मरीज की जान भी जा सकती है।
सुपरवाइजर सत्यवीर सिंह ने कहा कि बरसात के मौसम में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और सतर्क रहकर ही डेंगू से बचाव संभव है। इस अवसर पर बबली, रविंद्र, संदीप कुंडू, मनोज, अनिल, रामपाल, पूनम और हरमुख मौजूद रहे।