जींद। निर्जन गांव के दो भाइयों की मंगलवार रात को गोलियां मारकर की गई हत्या का कारण जमीन को लेकर विवाद है। इन दोनों परिवारों के बीच 20-25 साल से रंजिश चली आ रही थी। यह रंजिश बढ़ती जा रही थी। करीब 8-10 साल पहले जब रोहतक-संगरूर नेशनल हाईवे का बाईपास निकला तो इनकी जमीन भी उसके अधीन आ गई। इसके बाद वहां जमीन के करोड़ों के भाव हो गए, फिर दोनों परिवारों के दिलों में जल रही नफरत की आग और तेज हो गई।
वर्ष 2024-25 में तो इन दोनों परिवारों के बीच लड़ाई-झगड़े की कई वारदातें हो चुकी थीं। हालांकि इस मामले में मंगलवार देर शाम को शिकायत देने के बाद पुलिस एक्शन ले लेती तो इतनी बड़ी वारदात नहीं होती। इस वारदात में दिलबाग के पैर और पेट में गोली लगी है। वहीं सतीश के पेट और सीने पर गोली लगने के निशान हैं। चिकित्सकों के अनुसार दोनों के शरीर में गोली नहीं मिली है। गोली पार निकल गई है।
दिलबाग और सतीश ने करीब एक साल पहले सफीदों रोड पर अपने खेत की जमीन पर कॉलोनी विकसित की थी। वहीं उसी जमीन के पीछे सुरेश के परिवार की भी जमीन है। ऐसे में दोनों परिवारों के बीच रास्ते को लेकर विवाद रहने लगा। इसको लेकर कई बार पंचायत भी हुई। पंचायत ने दोनों परिवारों के बच्चों के भविष्य का हवाला देकर समझौता करने के लिए कहा था। इस मामले में कई बार प्रशासन को शिकायत दी, जिसके बाद प्रशासन ने दीवार भी निकलवाई थी। इसके बावजूद आरोपियों ने जबरन तीन बार वह दीवार गिरा दी। बताया यह भी जा रहा है कि दिलबाग और सतीश ने सुरेश से जमीन खरीद भी ली थी। इसके बयाने के रूप में दो बार में करीब 1.25 करोड़ रुपये दे दिए थे, लेकिन जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पाई। इस मामले में कई बार पंचायतें भी हुईं, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। मृतक दिलबाग के बेटे मोहित ने बताया कि उन्हें बार-बार धमकियां दी जा रही थीं। उन्होंने पहले भी शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
सीआईए की सुरक्षा में हुए पोस्टमार्टम
नागरिक अस्पताल में बुधवार को पूरा दिन भारी पुलिसबल मौजूद रहा। वहीं निर्जन गांव के भी सैकड़ों ग्रामीण डटे हुए थे। दोनों शवों का पोस्टमार्टम 4 बजे के बाद तक हो पाए। हालांकि बुधवार सुबह से ही पुलिस और ग्रामीण नागरिक अस्पताल में पहुंच गए थे। शुरुआत में मृतकों के परिजन गिरफ्तारी को लेकर शव उठाने के लिए राजी नहीं हुए थे, लेकिन डीएसपी जितेंद्र राणा के आश्वासन के बाद परिजन सहमत हो गए थे। इसके बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया 1 बजे शुरू हो गई और 4 बजे तक चली। इस दौरान सीआईए की टीम मुस्तैद रही।
इस वारदात से हर ग्रामीण था हैरान
सफीदों रोड स्थित गैस एजेंसी पर रात को हुए हत्याकांड से ग्रामीण हैरान थे। इस घटना से हर ग्रामीण के चेहरे पर कई सवाल दिखाई दे रहे थे, क्योंकि गांव में पहली बार इतनी बड़ी वारदात हुई है। गांव के मौजिज लोग जहां हर बड़े से बड़े मामले को पंचायत में बैठकर सुलझा लेते थे, वहीं यह मामला पंचायत में सुलझ नहीं पाया और मंगलवार को इतनी बड़ी वारदात हो गई।
वर्जन
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगी हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-जितेंद्र राणा, डीएसपी, जींद
09जेएनडी22-गैस एजेंसी के गोदाम पर पड़ा मृतकों का खून। संवाद
09जेएनडी22-गैस एजेंसी के गोदाम पर पड़ा मृतकों का खून। संवाद
09जेएनडी22-गैस एजेंसी के गोदाम पर पड़ा मृतकों का खून। संवाद