फोटो 4 नरवाना। लोहा मंडी स्थित सार्वजनिक शौचालय के सामने लगे कचरे के ढेर में बैठे आवारा पशु। सं
- फोटो : शहरकाजी व अन्य के हाथों में मौजूद मुगलकालीन अलम। फाइल फोटो
नरवाना। नगर परिषद के पास स्थायी डंपिंग साइट नहीं होने का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। डोर-टू-डोर कचरा उठाने का काम पूरी तरह बंद है जिससे मुख्य सड़कें, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर लग गए हैं। गंदगी और दुर्गंध के कारण शहरवासियों का जीना मुश्किल हो गया है। संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। लिक रोड, कैनाल रोड, लोहा मंडी, हुड्डा ग्राउंड, उकलाना रोड और रेलवे रोड जैसे इलाकों में गंदगी का अंबार है। लोगों को मजबूरी में घरों का कचरा पॉलीथीन में भरकर नजदीकी कचरा स्थलों पर फेंकना पड़ रहा है।
शहरवासी विनय, अशोक मित्तल, पुनीत, अनिल और सोनू का कहना है कि नगर परिषद केवल कभी-कभार सफाई अभियान चलाकर खानापूर्ति कर रही है। हुड्डा ग्राउंड और आसपास का क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित है जहां सब्जी मंडी और फास्ट फूड स्टॉल भी चलते हैं।
वहां मक्खियों और मच्छरों की भरमार है जो खाने-पीने की चीजों तक पहुंच रहे हैं। लोहा मंडी स्थित सार्वजनिक शौचालय के सामने भी कचरा जमा है। बदबू के कारण लोगों को गुजरने में परेशानी होती है।
नागरिकों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है ताकि शहर को साफ-सुथरा बनाया जा सके। लोगों ने जल्द ठोस कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है। नगर परिषद से नियमित कचरा निस्तारण व्यवस्था शुरू करने की मांग उठी है।
फोटो 4 नरवाना। लोहा मंडी स्थित सार्वजनिक शौचालय के सामने लगे कचरे के ढेर में बैठे आवारा पशु। सं- फोटो : शहरकाजी व अन्य के हाथों में मौजूद मुगलकालीन अलम। फाइल फोटो