पुलिस ने लगभग दो वर्ष पहले साहनपुर में हुई कुलदीप की हत्या का मामला सुलझा लिया है। कुलदीप की हत्या गांव के ही रहने वाले हकीकत व उसके चार साथियों ने की थी। पुलिस ने अब इस हत्याकांड में शामिल चार अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा हकीकत को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। इससे पहले हकीकत ने अपने भाई की भी सुपारी देकर हत्या करवाई थी, जिसमें वह पकड़ा गया। इसके बाद ही पुलिस ने हकीकत की कुंडली खंगाली तो कई अन्य राज भी सामने आए हैं।
साहनपुर निवासी हकीकत के खेतों में कई साल से कुलदीप सेवादार के रूप में काम कर रहा था। कुलदीप अनूसचित जाति से संबंध रखता था तथा उसका बीपीएल राशनकार्ड भी था। हकीकत ने कुलदीप के माध्यम से सब्सिडी का लाभ उठाने की खातिर दो कंबाइन, एक ट्रैक्टर, दो हार्वेस्टर, एक स्कूटी, एक बाइक व एक बुलेट बाइक कुलदीप के नाम से डाउन पेमेंट पर ले ली। इनकी किस्त खुद हकीकत भर रहा था। सभी साधनों को अपने नाम करवाने व किस्त भरने से छुटकारा पाने के लिए हकीकत ने कुलदीप को मारने की योजना बनाई। इस साजिश के तहत हकीकत ने उसके कंबाइन पर काम करने वाले गांव के ही प्रदीप, नीरज, रोहताश व रमेश के साथ उसको मारने की योजना बनाई। हकीकत ने कुलदीप की हत्या करने के बाद इन चारों को 75-75 हजार रुपये देने की बात कही। इस पर सहमति बन गई और योजना के अनुसार 22 जनवरी 2019 को हकीकत ने कुलदीप को शराब पिलाने के बहाने अपने घर पर बुलाया। इस दौरान पांचों आरोपियों ने खुद कम शराब पी और कुलदीप को ज्यादा पिलाई। कुलदीप को नशा होने पर पांचों ने मिलकर उसे स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठा लिया और खेत में ट्यूबवेल के हौद पर ले गए। जहां पर कुलदीप को उल्टा करके लटकाया गया और उसका सिर्फ मुंह ही पानी में डाला गया, ताकि उसके पेट में पानी न जा सके। जब उन्होंने काफी देर तक उसको पानी में उल्टा लटका कर रखा तो उसका शरीर शिथिल पड़ गया। इसके बाद उसे निकालकर वापस गाड़ी में डाल दिया और निम्नाबाद गांव के पास एक तालाब के निकट डाल दिया, ताकि सभी को लगे की उसकी मौत ज्यादा शराब पीने व ठंड लगने के कारण हुई है।
परिजनों को कुलदीप की तेरहवीं पर हकीकत ने वाहन नाम करवाने की बात कही तो हुआ शक
परिजनों ने कुलदीप की हत्या हुई है इस बात का शक नहीं था। जब कुछ दिन बाद हकीकत कुलदीप के पिता से कहने लगा की वह कुलदीप के परिवार का खर्च उठाएगा और उसके नाम जो खेती यंत्र हैं, उनको मेरे नाम करवाओ। इस पर कुलदीप के पिता सूरजभान को उस पर ही हत्या का शक हुआ और तीन जून 2019 को उसके खिलाफ पुलिस में हत्या की शिकायत दी। इसमें पुलिस ने जांच की तो उसके खिलाफ हत्या का कोई सबूत नहीं मिला। अब दोबारा जांच में आरोपी के खिलाफ हत्या, धोखाधड़ी व एससी, एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
किसी को न हो शक कुलदीप के शरीर पर नहीं आने दी कोई खरोच
कुलदीप की हत्या होने का शक नहीं हो, इसके लिए आरोपियों ने कुलदीप के शरीर पर एक भी खरोंच नहीं आने दी। उन्होंने शव को पूरी सावधानी के साथ खेत से लाकर निम्नाबाद गांव के तालाब के पास डाल दिया, ताकि लोगों को लगे कि कुलदीप ने अधिक शराब पी ली, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद खुद ही पोस्टमार्टम कार्रवाई से लेकर अंतिम संस्कार में रहे शामिल
कुलदीप की मौत का पता चलने के बाद हकीकत तथा उसके सभी साथी कुलदीप के घर गए तथा परिजनों से इस तरह बात करने लगे ताकि यह लगे कि कुलदीप की मौत का उन्हें बहुत दुख है। हकीकत तथा उसके साथियों ने पोस्टमार्टम कार्रवाई से लेकर अंतिम संस्कार तक सभी कार्य किए और परिजनों की सहानुभूति हासिल की।
कुलदीप ने दिया था पांच हजार रुपये प्रतिमाह का लालच
अनुसूचित जाति पर मिलने वाली छूट का लाभ लेने के लिए हकीकत ने कुलदीप को पांच हजार रुपये प्रतिमाह देेने का लालच देकर उसने नाम से ट्रैक्टर, कंबाइन, बाइक, हार्वेस्टर लिया था। दोनों कंबाइनों की डाउन पेमेंट 17 लाख रुपये उसके भाई तेजबीर के कॉरपोरेशन सफीदों के बैंक खाता से डलवाई थी। बाकी कीमत 10-10 लाख रुपये के लिए श्रीराम फाइनेंस कंपनी असंध से कुलदीप के नाम से लोन करवाया था।
11 फरवरी 2020 को बनाई थी एसआईटी
इस मामले में आरोपी हकीकत पुलिस का सहयोग नहीं कर रहा था। इसको देखते हुए 11 फरवरी 2020 को एसआईटी का गठन नरवाना डीएसपी ताहिर हुसैन के नेतृत्व की गई थी। जब पुलिस ने हकीकत से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारा राज खोल दिया।
17 दिसंबर 2020 को साथियों के साथ मिलकर भाई को मारी गोली
हकीकत ने 17 दिसंबर 2020 को साथियों के साथ मिलकर अपने छोटे भाई तेजबीर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके अलावा हकीकत पर कई मामले दर्ज हैं। इस मामले में हकीकत जेल में था। जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर एसआईटी ने पूछताछ की तो उसने कुलदीप की हत्या का राज खोल दिया।
आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर लेकर वाहनों की करवाई जाएगी बरामदगी
हत्या, धोखाधड़ी और साजिश रचने के आरोपी हकीकत को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। इस दौरान आरोपी से वाहन बरामद किए जाएंगे तथा हत्या में शामिल अन्य साथियों को गिरफ्तार करने के लिए उनकी पहचान तथा अन्य मामलों में पूछताछ की जाएगी।
ताहिर हुसैन, डीएसपी एवं एसआईटी प्रमुख।
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