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Jind News: कपास आयात शुल्क खत्म करने के खिलाफ लामबंद हुआ किसान मोर्चा

Sun, 31 Aug 2025 11:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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31जेएनडी09: राज्य स्तरीय बैठक में संबोधित करते हुए किसान नेता। किसान
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नरवाना। संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा की राज्यस्तरीय बैठक रविवार को नरवाना की जाट धर्मशाला में हुई। भारी बारिश के बावजूद प्रदेशभर से बैठक में किसान पहुंचे और सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज करवाया। कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता बलबीर सिंह, जिया लाल, सुरेश कोथ, रतन मान समेत कई किसान नेताओं ने की। बैठक में स्मार्ट मीटर योजना, कपास पर आयात शुल्क हटाने, औद्योगिक क्षेत्रों के नाम पर किसानों की जमीन अधिग्रहण और बाढ़ प्रभावितों को राहत देने जैसे मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए।
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किसान नेताओं ने कहा कि बिजली एक आवश्यक सेवा है। इसे मुनाफे का क्षेत्र नहीं माना जा सकता। पहले बिजली निगमों में बांटकर निजी हाथों में सौंपी गई और अब प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना लाकर किसानों व आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
राज्यस्तरीय बैठक ने संकल्प लिया कि गांव-गांव अभियान चलाकर स्मार्ट मीटरों का विरोध किया जाएगा और इन्हें किसी भी हाल में लगाने नहीं दिया जाएगा। नेताओं ने केंद्र सरकार की ओर से कपास पर आयात शुल्क समाप्त कर इसे 31 दिसंबर तक बढ़ाने के फैसले की भी तीखी आलोचना की।
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उन्होंने कहा कि इस निर्णय से देशभर के लगभग 60 लाख कपास उत्पादक किसान संकट में आ जाएंगे। अमेरिकी दबाव में लिया गया यह फैसला पूरी तरह जनविरोधी है। इसके विरोध में एक से तीन सितंबर को ट्रंप और मोदी के पुतले जलाने का आह्वान किया गया। किसानों ने हरियाणा सरकार की ओर से 35,500 एकड़ जमीन अधिग्रहण और भूमि पूलिंग जैसी योजनाओं को भी खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि उपजाऊ जमीनों का अधिग्रहण 2013 के कानून के खिलाफ है। पंचायत ने संकल्प लिया कि किसान अपनी एक इंच भी जमीन नहीं देंगे। बैठक में पंजाब और हरियाणा में बाढ़ से हुई तबाही पर गहरा शोक जताते हुए केंद्र सरकार से इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग की।
साथ ही हरियाणा सरकार से किसानों को फसल क्षति का उचित मुआवजा देने की अपील की। इस अवसर पर विभिन्न किसान संगठनों, बिजली कर्मचारी यूनियन और खेत मजदूर यूनियनों के सैंकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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