बरवाला में सतलोक आश्रम के संस्थापक संत रामपाल के खिलाफ खाप पंचायतों ने भी मुखर होकर मोर्चा खोल दिया है। कालवन तपा ने रामपाल को देशद्रोही बताते हुए उसका बहिष्कार करने की घोषणा की है। इसके साथ-साथ बरवाला की खरक पूनिया खाप के चौधरियों से प्रदेश की सभी खापों की संयुक्त बैठक बुलाकर रामपाल का बहिष्कार करने व उसकी घेराबंदी करने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
नरवाना क्षेत्र की कालवन तपा के प्रतिनिधियों की बैठक बुधवार को नेहरू पार्क में प्रधान फकीरचंद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें नगर परिषद् के पूर्व चेयरमैन भारत भूषण गर्ग, जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन गुरनाम सिंह, ब्लॉक समिति के पूर्व चेयरमैन धर्मवीर सिंह सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कालवन तपा के प्रधान फकीरचंद ने कहा कि रामपाल की गतिविधियां राष्ट्र विरोधी हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि रामपाल उग्रवादी एवं विघटनकारी ताकतों के एजेंट हैं, जिसे देश के संविधान की भी कोई परवाह नहीं। उसने अपने आश्रम में असामाजिक लोगों का जमावड़ा किया हुआ है। उसने षड्यंत्र के तहत हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना की है और हरियाणा का नाम शर्मसार किया है।
वह पाकिस्तानी मदरसों की तरह देश में अपनी संस्थाएं खोलना चाहता है। उस पर अंकुश लगाना जरूरी है। उन्होंने समाज के आम लोगों के साथ-साथ खाप पंचायतों से भी एकजुट होकर उसके समाज विरोधी इरादों को नेस्तनाबूद करने तथा उसका बहिष्कार करने की अपील की। उन्होंने बरवाला की खरक पूनिया खाप के चौधरियों को अपना सामाजिक दायित्व निभाने तथा प्रदेश के अन्य खापो की बैठक बुलाकर रामपाल के खिलाफ खड़े होने तथा उसके खिलाफ सरकार व प्रशासन की कार्रवाई में सकारात्मक योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ना संतों का काम नहीं है तथा महिलाओं सहित रामपाल के श्रद्धालुओं से अपील की कि ऐसे समाज विरोधी व देशद्रोही व्यक्ति से दूर रहें।
फोटो कैप्शन
19जेएनडी 10: नरवाना के नेहरू पार्क में कालवन तपा की बैठक में उपस्थित प्रधान फकीर चंद व अन्य।