जींद। 22 पंथ जैन स्थानक उचाना मंडी में संघ प्रमुख योगीराज अरूण चंद्र महाराज के शिष्य अनुराग मुनि व अभिषेक मुनि विराजमान है। अनुराग मुनि ने कहा कि जीवन में हमें अपनी अपेक्षा कम करनी चाहिए। जो अपेक्षा कम रखेगा वो ही जीवन में सुखी रहेगा।
उन्होंने कहा कि जीवन में अपने से बड़े, छोटे से उपेक्षा कम रखनी चाहिए। कई बार अपेक्षा अधिक रखने पर वो पूरी नहीं हो तो मन उदास हो जाता है। इसलिए मन को खुश रखने के लिए परिवार हो या व्यापार हर जगह उपेक्षा कम रखे।
प्रवचन में अभिषेक मुनि ने श्रद्धालुओं को बताया कि संसार के अंदर सबसे बड़ा धर्म क्या है। मुनि ने कहा कि सबसे बड़ा 48 मिनट की समायिक करना है। समायिक शुद्धता, ध्यान लगा कर करनी चाहिए। जो सच्चे मन से 48 मिनट ध्यान लगा कर समायिक करता है वो धर्म को पा लेता है। पंक्ति द्वारा जैन मुनि ने कहा कि जहां ले चलोगे वही मैं चलूगां जो तुम कहोगे वो ही मैं कहूंगा।