संवाद न्यूज एजेंसी
उचाना। मखंड से कापड़ो तक जाने वाले कच्चे रास्ते को पीडब्ल्यूडी की ओर से पक्का बनाया गया है। पांच किलोमीटर के इस रास्ते का काम लगभग पूरा हो चुका है। 2.60 करोड़ रुपये खर्च करके 12 फीट की सड़क का निर्माण किया गया है। अब मखंड के लोगों को बुडायन होकर कापड़ो नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि वो सीधे कापड़ो आ जा सकेंगे।
जो श्रद्धालु काकड़ोद गांव के बाबा जीतकर धाम पर आते-जाते है वो इस रास्ते से काकड़ोद आ-जा सकेंगे। काफी लंबे समय से वाहन चालकों, किसानों, ग्रामीणों द्वारा इस रास्ते को पक्का करने की मांग की जा रही थी।
काकड़ोद जीतकर धाम जाने वालों श्रद्धालुओं को भी होगा फायदा
बलवान, सुलतान, जगबीर, राजेंद्र ने कहा कि काकड़ोद गांव में बाबा जीतकर धाम पर आने वाले श्रद्धालु भी कापड़ो से मखंड होते हुए काकड़ोद जा सकेंगे। इन श्रद्धालुओं को सफर भी आने-जाने में कम होगा। वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई है। दोनों गांव की सड़क बनने के बाद गांव में सीसी के ब्लॉक भी लगाए जा रहे है। इससे गांव के पास जो रास्ता कच्चा था वो भी पक्का हो गया है।
उन्होंने कहा कि दोनों गांव के ग्रामीणों, किसानों, वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। कच्चा रास्ता होने के चलते बुडायन होकर कापड़ो जाना पड़ता था। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से कच्चे रास्ते को पक्का करने की मांग की थी। यह मांग अब पूरी हो गई है। दोनों गांव की आपस में दूरी कम हुई है। इससे समय की बचत के साथ-साथ खेतों में आने-जाने वाले किसानों को भी फायदा होगा। बारिश के समय तो कच्चे रास्ते से होकर आना-जाना दूभर हो जाता है।
मखंड से कापड़ो तक सड़क का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। 2.60 करोड़ रुपये 12 फीट की सड़क पर खर्च हुए हैं। दोनों गांव में सीसी के ब्लॉक लगाए जा रहे हैं।
- सोहन, पीडब्ल्यूडी, जेई, उचाना