जलभराव के कारण 2017 में खराब हुई खरीफ की फसल के मुआवजे में धांधली करने के आरोप में पुलिस ने कानूनगो अनूप, करेला गांव के नंबरदार इंद्र सिंह और पटवारी कुलदीप को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस ने 5 जनवरी को कानूनगो, पटवारी व नंबरदार के खिलाफ धोखाधड़ी करने व अमानत में खयानत करने के आरोप में मामला दर्ज किया था। मामला करेला गांव के किसान वीरेंद्र की शिकायत पर दर्ज हुआ था।
पांच जनवरी वर्ष 2019 को करेला गांव के किसान वीरेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि वर्ष 2017 में हुई भारी बारिश के कारण करेला गांव सहित आसपास के गांवों के किसानों की खरीफ की फसल खराब हो गई थी। खराब फसल की गिरदावरी की गई थी। गांव के नंबरदार, पटवारी व कानूनगो ने मिलीभगत कर उन किसानों को मुआवजे की राशि दिला दी जिन्होंने हामी भरी की वे आधी राशि उन्हें दे देंगे। जिन किसानों ने नंबरदार, पटवारी व कानूनगो को मुआवजे की आधी राशि देने की हां भरी उनको बीमा राशि के साथ मुआवजा भी मिला। जिन किसानों ने आधी राशि देने से मना कर दिया उनको कोई मुआवजा नहीं मिला।
जिन किसानों की फसल खराब भी नहीं हुई उनको बीमा राशि के साथ मुआवजा दिया गया। जिन किसानों ने इन लोगों के साथ मिलीभगत नहीं की और फसल भी पानी से खराब हो गई उनको कुछ नहीं मिला। नंबरदार ने किसानों से मुआवजे की राशि इकट्ठा की। इस मामले में कई बार ग्रामीण डीसी से मिले।
डीसी ने मामले की जांच एसडीएम को सौंप दी। एसडीएम ने मामले की जांच तहसीलदार को सौंप दी। इसी मामले में पुलिस ने कानूनगो अनूप, पटवारी कुलदीप व नंबरदार इंद्र के खिलाफ धांधली करने व अमानत में खयानत करने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। अब तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।