कंडेला। गांव कंडेला में खेल मैदान में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। सैंकड़ों होनहार खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर है जबकि सरकारें खेल विकास के बड़े दावे करती हैं। गांव में खेल नर्सरी न होने से युवाओं को सही मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है।
समाजसेवी हरदीप रेढू, कोच नरेश, अमन, लायक, दीपक, नवीन ने कहा कि कंडेला और आसपास के युवाओं में खेलों का भारी जज्बा है। रोजाना सैंकड़ों युवा मेडल जीतने और सेना-पुलिस बल में भर्ती होने का सपना लेकर मैदान में पहुंचते हैं लेकिन उन्हें अभ्यास के लिए व्यवस्थित दौड़ पथ और जरूरी खेल उपकरण नहीं मिलते।
ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने रोष जताया। उन्होंने बताया कि मैदान में पीने के साफ पानी और शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है। धूप या बरसात में खिलाड़ियों के लिए कोई शेड या बदलने का कमरा नहीं है। खेल मैदान की चारदीवारी भी क्षतिग्रस्त है जिससे रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं।
खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। दौड़ने के लिए उचित दौड़ पथ और अभ्यास के लिए आवश्यक उपकरण मौजूद नहीं हैं। पीने के साफ पानी और शौचालय की अनुपलब्धता एक बड़ी समस्या है। शेड और बदलने का कमरा न होने से खिलाड़ियों को परेशानी होती है।