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पीएनीबी में चपरासी लगवाने के नाम पर नौ लाख रुपये हड़पने के आरोप में मनोहरपुर गांव निवासी पिता पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज

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पीएनबी में चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर नौ लाख रुपये हड़पने के आरोप में पिंडारा निवासी एक युवक से नौ लाख रुपये हड़पने के आरोप में सिविल लाइन थाना पुलिस ने मनोहरपुर निवासी पिता दलबीर व पुत्र सुमित के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। प्रदीप ने यह पैसे अपने मामा के लड़के को नौकरी लगवाने के लिए दिए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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पिंडारा निवासी प्रदीप ने सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका जींद डीआरडीए के नजदीक पीएनबी में खाता है। वह रुपयों के लेन देने के चलते बैंक में जाता रहता है। इस दौरान उसकी जान पहचान बैंक के कर्मचारी मनोहरपुर निवासी दलबीर व सुमित कुमार से हुई। दलबीर इस बैंक में क्लर्क तो सुमित कु मार एलडीएम का गाड़ी चालक है। 2019 में दलबीर ने प्रदीप को बताया कि वह बैंक में नौकरी लगवाते हैं। उन्होंने पहले खुद पीएनबी में नौकरी ली तो बाद में अपने भाई दलशेर को लगवाया। इसके बाद उसने ही सुमित को एलडीएम का गाड़ी चालक लगवाया। उन्होंने बताया कि इनके अलावा भी उन्होंने बहुत नौकरियां बैंक में युवकों को दिलवाई है। सितंबर 2019 में उन्होंने बैंक में चपरासी की वैकेंसी निकली होने की जानकारी दी और कहा कि उनकी बैंक के उच्चाधिकारियों से जान पहचान है। वह उनको नौकरी लगवा देंगे और नौकरी नहीं लगी तो एक प्रतिशत ब्याज के हिसाब से पैसे वापस करेंगे। उनकी बातों में आकर प्रदीप ने अपने मामा के लड़के रोहतक के मदीना गांव निवासी सोमबीर को लगवाने के लिए नौ लाख रुपये सुमित को तीन बार में दिए। दो बार 3-3 लाख रुपये की आरटीजीएस तो एक बार तीन लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद फरवरी 2020 तक यह टालते रहे फिर कोरोना का बहाना बनाकर कुछ समय तक रुकने की बात कही। इसके बाद भी नौकरी नहीं लगी तो उन्होंने उन पर दबाव बनाया। इस पर दलबीर ने सुमित के आईसीआई बैंक का चेक नंबर 000766, जिसमें छह लाख रुपये भरे थे। इसके अलावा एक चेक एक्सिस बैंक का जिसमें तीन लाख रुपये भरे हुए थे। वह दे दिए और कहा कि दिसंबर 2020 तक नौकरी नहीं लगी तो वह इन चेकों को बैंक में लगाकर अपने पैसे निकलवा लेना। जब उन्होंने चैक बैंक में लगाए तो यह बांउस हो गए। उनके पूछने पर बताया कि किसी एमरजेंसी कारण से वह खाते में पैसे नहीं डलवा सके थे। इसके बाद उन्होंने दोनों चेक वापस लिए और कहा कि एक चेक नौ लाख रुपये का देंगे। उन्होंने ऐक्सिस बैंक का चेक नंबर 296640 दिया जिसमें नौ लाख रुपये भरे थे। इस पर उन्होंने तारीख एक वर्ष पहले की डाल दी ताकि राशि न निकाल सके। इस तरह उन्होंने लगातार धोखे में रखा। बाद में आरोपियों ने अब तक उनको एक रुपया भी वापस नहीं दिया। सिविल लाइन थाना प्रभारी राजेंद्र मोर ने बताया कि मनोहरपुर निवासी सुमित व दलबीर के खिलाफ धोखाधड़ी कर नौ लाख रुपये हड़पने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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