केंद्र सरकार लोकतांत्रितक मूल्यों को समाप्त कर रही है। इसका प्रमणा तमाम विरोधों के बावजूद राज्यसभा में बिना चर्चा के कृषि विधेयकों को पास करवाना है। यह आरोप माकपा के राज्यसभा के तीन सांसदों ने लगाया है।
तीनों सांसद शुक्रवार को होने वाले भारत बंद के चलते किसानों व आढ़तियों के संगठनों से संपर्क करने व सफेद मक्खी से खराब हो रही कपास की फसल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान सांसदों की टीम जींद, फतेहाबाद व हिसारा जिलों का दौरा करेगी।
जींद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए तीनों सांसदों ने कहा कि विपक्ष के साथ-साथ सत्तारुढ़ दल की सहयोगी पार्टियां भी मांग कर रही थीं कि तीनों विधेयकों को संसद की सलेक्ट कमेटी के पास भेज जाय। यदि ऐसा होता तो कमेटी के लोग विरोध कर रहे लोगों से मिलते और इस पर मतदान होता। इसमें सत्तरुढ़ दल के सहयोगी भी विरोध कर रहे हैं और यह विधेयक संसद में पास नहीं होते। इसके चलते बिना मतदान के लिए विधेयक पास करवा लिए गए।