जींद। पिछले एक साल से हाइड्रोजन ट्रेन चलने का इंतजार अब लगभग पूरा होने वाला है। 20 जनवरी के बाद सोनीपत रेललाइन पर ट्रेन चलने की उम्मीदें परवान चढ़ गई हैं। हाइड्रोजन ट्रेन शुरू होने के साथ ही जींद का नाम राष्ट्रीय स्तर पर नई तकनीक अपनाने वाले शहरों में शुमार हो जाएगा।
पर्यावरण हितैषी और अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित हाइड्रोजन ट्रेन की तकनीक अपनाने वाले चुनिंदा देशों में भारत का नाम भी जुड़ जाएगा। इससे यहां विकास की नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। अगर इस प्रोजेक्ट को सफलता मिलती है तो देश के कई अन्य रूटों पर भी हाइड्रोजन ट्रेनें चलाई जाएंगी।
हाइड्रोजन गैस से ट्रेन चलने के बाद रेलवे के लिए भी यह गर्व का पल होगा। जींद में पहली हाइड्रोजन ट्रेन का पहुंचना केवल एक ट्रेन का आगमन नहीं बल्कि तकनीकी क्रांति की शुरुआत है। यह कदम आने वाले वर्षों में देश की रेल व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और यात्री सुविधाओं को नया आयाम देगा।
रेलवे ने अभी सार्वजनिक नहीं कीं ट्रेन की विशेषताएं
हाइड्रोजन आधारित इस ट्रेन के इंजन पर हाइड्रोजन पावर लिखा हुआ है। सामने से देखने पर बड़े अक्षर में एच2 पावर्ड लिखा है। ट्रेन के सुसज्जित कोच और उसकी विशेषताओं की जानकारी फिलहाल रेलवे अफसरों ने सार्वजनिक नहीं की है। यह ट्रेन डीजल और बिजली पर निर्भरता को कम कर पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाएगी। ट्रेन 140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने में सक्षम है। वहीं, सुपरफास्ट तथा सामान्य ट्रेनों की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रतिघंटा है।
पायलटों को चेन्नई और जालंधर में दी गई ट्रेनिंग
हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के लिए मई-जून में जींद के तीन और दिल्ली के दो लोको पायलटों को चेन्नई में ट्रेनिंग दी गई थी। इसके बाद सितंबर-अक्तूबर में जींद के दो लोको पायलटों को जालंधर बुलाया और वहां एक महीने ट्रेनिंग दी। इस दौरान उन्हें हाइड्रोजन ट्रेन की तकनीकी और संचालन से जुड़ी बारीकियों के बारे में बताया गया।
क्या बोले शहरवासी
जींद से हाइड्रोजन ट्रेन का चलना सुखद के पल होंगे। वह काफी समय से ट्रेन के चलने के इंतजार में है।
-अनिल कुमार, नरवाना
हाइड्रोजल गैस से चलने वाली ट्रेनों के बारे में सुना था लेकिन अब जींद से भी हाइड्रोजन गैस से ट्रेन चलेगी। यह भी देखने वाली बात होगी।
-बलजीत, उचाना
02जेएनडी11-जींद जंक्शन पर पहुंची हाइड्रोजन ट्रेन। संवाद- फोटो : विवाद के बाद सड़क पर गिरी पड़ी बाइक। स्रोत संवाद